शहर में नहीं चले टेम्पो, लोग हुए परेशान

Jun 20 2023

ग्वालियर। टेम्पो टैक्सी चालक संघ के आह्वान पर मंगलवार को सभी टेम्पो-टैक्सी चालकों ने सुबह फूलबाग पर अपने वाहन खड़े करते हुए हड़ताल कर दी। इस हड़ताल से सार्वजनिक वाहन व्यवस्था ठप होते ही हरकत में आए अधिकारी फूलबाग पहुंचे और उन्होंने संघ के पदाधिकारियों से चर्चा कर उन्हें लिखित में 15 दिन में उनकी समस्याओं पर निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद संघ से हड़ताल समाप्त कर दी और फिर सडक़ों पर दौडऩे लगे।
संघ ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर आज सुबह हड़ताल करते हुए फूलबाग चौराहे पर अपने वाहन खड़े कर दिए। यहां लगभग पांच सौ वाहन खड़े कर दिए गए। टेम्पो-टैक्सी चालकों की हड़ताल के बाद यातायात एएसपी ऋषिकेश मीणा और आरटीओ एचके सिंह अन्य अधिकारियों के साथ फूलबाग पहुंचे। वहीं चालक संघ की ओर से भारतीय मजदूर संघ के संयुक्त महामंत्री अरविंद मिश्रा एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। 
अरविंद मिश्रा ने संघ की ओर से चर्चा करते हुए कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर फूलबाग पर धरना देने से पहले कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर चुके हैं, इसके बाद भी उनकी मांगों को नहीं माना गया है। उन्होंने कहा कि हमारी जायज मांगों को जब तक नहीं माना जाएगा वे हड़ताल नहीं तोड़ेंगे। इस पर वहां मौजूद अधिकारियों ने कलेक्टर और एसपी से चर्चा की एवं संघ अधिकांश मांगों पर सैद्धांतिक सहमति दे दी। 
संघ के पदाधिकारी मौखिक आश्वासन पर हड़ताल स्थगित करने पर तैयार नहीं थे, आखिर अधिकारियों ने उन्हें लिखित में आश्वासन देते हुए कहा कि 15 दिन में यातायात समिति की बैठक बुलाकर उनकी मांगों पर निर्णय लिया जाएगा। अरविंद मिश्रा ने बताया कि प्रशासन द्वारा लिखित में आश्वासन मिलने और हड़ताल के कारण लोगों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए उन्होंने अपनी हड़ताल को फिलहाल स्थगित कर दिया है। मिश्रा ने कहा कि यह शहर हमारा है और यहां के लोगों को परेशानी हो यह हम नहीं चाहते, प्रशासन ने जब उनकी मांगे नहीं मानी इसलिए मजबूरीवश हमें अपने वाहनों के पहिये थामने पड़े।
ये हैं मांगे
चालक परिचालक कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए, ई-रिक्शा का संचालन महानगर के मुख्य मार्गों से पूर्णत: प्रतिबंधित किया जाए। ऑटो, टेम्पो एवं ई रिक्शा की अधिकता को देखते हुए इस पर सीलिंग लगाई जाए। इसके साथ ही अन्य मांगों भी शामिल है। चर्चा में यह सहमति बनीं कि जो मांगें शासन स्तरीय है उन्हें राज्य शासन को भेजा जाएगा और स्थानीय स्तर की मांगों पर समिति की बैठक में निर्णय लेकर लागू किया जाएगा।