सुबह से हो रही रिमझिम बारिश मौसम का आनंद लेने लोग परिवार के साथ पहुंचे तिघरा

Jun 20 2023

ग्वालियर। चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के असर के कारण ग्वालियर-चंबल संभाग में हो रही बारिश ने शहर के मौसम को खुशनुमा बना दिया है। गत दिवस शुरु हुई बारिश मंगलवार को भी सुबह से हल्की-हल्की ही सही लेकिन जारी थी। इस दौरान सुबह तक 35.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। वहीं बारिश के कारण दो दिन पहले जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस था उसमें दस डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ चुकी है। मौसम के बदलते ही लोग भी मंगलवार होने के कारण इन्जॉय के मूड में दिखे।
व्यापारी वर्ग अपने परिवार के साथ मौसम का आनंद लेने तिघरा पहुंचे, वहीं ग्वालियर किले पर भी मौसम अनुकूल होने से काफी संख्या में सैलानी पहुंचे। दो दिन पहले तक गर्मी और उमस ने लोगों को भारी परेशान कर रखा था। न दिन में चैन आ रहा था न ही रात को चैन मिल रहा था। 19 जून को बिपरजॉय के प्रभाव के कारण शुरु हुई बारिश ने मौसम में ठंडक घोल दी। घरों में टंकियों का जो पानी गर्म हो रहा था मंगलवार को वह पानी ठंडा हो गया था। 
मंगलवार को सुबह जब लोगों की नींद खुली तो रिमझिम बारिश ने उनका स्वागत किया। सुहाने मौसम को देखते हुए व्यापारियों ने सुबह ही पिकनिक के प्लान बनाकर दिन में तिघरा और अन्य पिकनिक स्पॉट के लिए रवाना हो गए और मौसम का भरपूर आनंद लिया।
मौसम विज्ञानी सीके उपाध्याय ने बताया कि चक्रवाती तूफान बिपरजॉय रात भर ग्वालियर के आसमान पर सक्रिय रहा, आज दिन में भी इस कारण बारिश होती रहेगी और कल भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा। उन्होंने बताया कि गुरुवार से इसका असर खत्म होते ही फिर आसमान साफ होने लगेगा और तापमान में फिर मामूली वृद्धि होगी, लेकिन 25 जून से शहर में मानसूनी गतिविधियां प्रारंभ हो जाएंगी। इसके बाद मानसून कभी भी दस्तक दे सकता है। उन्होंने कहा कि बिपरजॉय के प्रभाव के कारण आज दिन में एकाध बार तेज बारिश भी हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से हवाए चल सकती हैं। 
शहर में कई जगह हुआ जलभराव
रात भर हुई बारिश एवं मंगलवार को सुबह से हो रही बारिश के कारण शहर में कई स्थानों पर जल भराव की स्थिति निर्मित हो गई है। जिला अस्पताल परिसर में पानी भरने से तालाब बन गया था, इस कारण मंगलवार  सुबह यहां आने वाले मरीजों को काफी परेशानी हुई। वहीं फूलबाग, पडाव, एजी पुल के नीचे जल भराव होने से लोगों को परेशानी हुई। इसी तरह राजमाता सिंधिया चौराहा पर भी पानी भर गया था।