महापौर के आदेश का पालन करना कमिश्नर का कर्तव्य, विरोध में महापौर 22 को फूलबाग पर देंगी धरना

Jun 18 2023

ग्वालियर। ग्वालियर के लिए बहत ही गंभीर और शर्मनाक बात है कि वे ग्वालियर जिले की प्रथम नागरिक महापौर डॉक्टर शोभा सिकरवार को भाजपा की सरकार और उनके लिए काम करने वाले अधिकारी कर्मचारी सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। वे मेयर इन काउंसिल में जनहित से जुड़े अनेक प्रस्ताव पास करती है लेकिन भाजपा के मंत्रियों के दबाव में यह फाइलें कमिश्नर के ऑफिस में पड़ी रहती है। यह जानकारी रविवार को एक पत्रकार वार्ता के दौरान शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने मीडिया को संबोधित करते हुए दी।  
डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार ग्वालियर के साथ विकास व प्रगति एवं अन्य कार्यों को लेकर सौतेला व्यवहार कर रही है। महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने मेयर इन कॉउसिंल में जनहित से जुडे अनेक प्रस्ताव पास किये हैं, मगर नगर निगम अधिकारी भाजपा सरकार एवं मंत्रियों के दबाब में प्रस्ताव निगम परिषद में नहीं भेज रहे हैं। व्यापारियों एवं आम जनता की मांग पर गार्वेज शुल्क को कम करने एवं बकाया जलकर माफ करने का प्रस्ताव एमआईसी ने कई महीने पहले पास किये हैं, मगर नगर निगम अधिकारी जनहित से जुड़े प्रस्तावों को परिषद में नहीं भेज रहे हैं। इस कारण आम जनता को राहत देने वाले प्रस्ताव पास नही हो पा रहे हैं। 
डॉ. शर्मा ने कहा कि इन तमाम मुद्दों एवं भाजपा की करनी-कथनी को उजागर करने के लिये 22 जून को महापौर डॉ. शोभा सिकरवार के नेतृत्व में प्रात: 10 बजे से 12 बजे तक फूलबाग चौराहा पर धरना दिया जायेगा। इस धरना-आंदोलन में कांग्रेस के सभी सहयोगी संगठन के पदाधिकारी, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, वर्तमान विधायक, पूर्व मंत्री, पार्षदगण एवं आम नागरिकों के अलावा व्यापारिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि कांग्रेस पार्टी जनहित से जुडे सभी प्रस्ताव परिषद में लाना चाहती हैं, मगर भाजपा सरकार द्वारा अधिकारीयों के माध्यम से उन्हें रोका जा रहा हैं। कांग्रेस पार्टी विभिन्न मुद्दों की ओर आप सबका ध्यान आर्कषित कराना चाहती हैं।   
अभी हाल ही में सीवर चेम्बर में डूबकर दो सफाई कर्मचारियों की असमायिक मृत्यु हुई, जिसका कांग्रेस पार्टी को दुख है। इस मामलें में नगर निगम प्रशासन एवं भाजपा सरकार कतई गंभीर नजर नहीं आ रही हैं। इतना ही नहीं निगम अधिकारियों ने सीवर के टेण्डर टुकड़ों-टुकडों में करके शहर को एक बडी समस्या में झोक दिया हैं, क्योंकि काम करने की गुणवत्ता अथवा शर्तों को पूरी तरह नजर अंदाज किया गया हैं। अगर किसी बड़ी कंपनी को टेण्डर निकालकर यह काम दिया जाता तो सीवर समस्या का समाधान हो जाता, लेकिन भाजपा के दबाब में चहेते ठेकेदारों को काम दिया गया है, जो शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि जिन सफाई कर्मियों की मौत हुई है उनके परिजनों को 50-50 लाख रूपये नगद दिये जाये और परिवार के एक-एक सदस्य को शासकीय नौकरी पर रखा जाये। मेयर इन कॉउसिंल द्वारा गार्वेज शुल्क का युक्तियुक्तकरण करने एवं बकाया जलकर माफ करने का प्रस्ताव पास किया है, मगर इस प्रस्ताव को अधिकारियों द्वारा परिषद में नहीं भेजा जा रहा हैं, इससे भाजपा की घटिया मानसिकता का पता चलता है। मेयर इन कॉउसिंल ने नगर निगम के दिवंगत महापौरों की प्रतिमायें लगाने का भी प्रस्ताव पास किया हैं. उसे भी लटका कर रखा गया हैं। 
वार्ता के दौरान प्रदेश प्रवक्ता राम पांडे, ग्वालियर चंबल संभाग प्रभारी आरपी सिंह, विधायक प्रतिनिधि कृष्णाराव दीछित, मेयर इन काउंसिल के प्रभारी सदस्य अवधेश कौरव और संभागीय प्रवक्ता धर्मेंद्र शर्मा समेत अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।