मां-बेटी ने एसपी ऑफिस में उड़ेला पेट्रोल, पुलिसकर्मियों ने बचाया

Jun 01 2023

ग्वालियर।पांच साल पहले अगवा और दुष्कर्म की शिकार युवती को आरोपी पक्ष के लोग राजीनामा व शादी के लिए धमका रहे थे और राजीनामा नहीं करने पर उसके भाइयों की मारपीट करते थे। इससे परेशान पीडि़त परिवार ने दो थानों और एसपी ऑफिस में चक्कर लगाए, लेकिन दो माह बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई तो गुरूवार सुबह पीडि़ता अपनी मां के साथ एसपी ऑफिस पहुंची और खुद पर पेट्रोल डाल लिया। वह माचिस से आग लगा पाती, उससे पहले पुलिसकर्मियों की नजर उस पर पड़ी और उन्होंने उनसे माचिस छीन ली। मामले का पता चलते ही अफसर भी मौके पर पहुंचे और उनकी शिकायत का समाधान करने के लिए बहोड़ापुर थाने भेज दिया है।
नाकाचंद्रवनी निवासी एक महिला अपनी बेटी के साथ गुरूवार सुबह एसपी ऑफिस पहुंची और कोई कुछ समझ पाता, उससे पहले ही उन्होंने पेट्रोल अपने ऊपर उड़ेल लिया और माचिस से आग लगाने लगी। उनकी हरकत वहां से गुजर रहे पुलिसकर्मियों ने देखी तो तुरंत ही उनके हाथ से माचिस छीन ली। मामले का पता चलते ही वहां मौजूद अफसर वहां पहुंचे और उनकी बात सुनी तो पता चला कि पीडि़त मां व बेटी दो माह से एसपी ऑफिस, बहोड़ापुर व झांसी रोड थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नही हो रही है। 
बतादें कि पीडि़ता ने पुलिस अफसरों को बताया कि पांच साल पहले उनकी बेटी को सोनू पारदी नामक युवक ने अगवा किया था और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। जिसकी शिकायत की थी। पीडि़ता के भाई ट्रांसपोर्ट नगर से लोडिंग चलाते है जहां पर अब आरोपी के परिजन मुकेश, विनोद और बुटानी उन पर राजीनामा और युवती की शादी करने का दबाव बना रहे है और जब उन्होंने इससे इनकार किया तो उनकी मारपीट की। इसके बाद से ना तो उन्हें लोडिंग चलाने दी जा रही है और उनकी मारपीट की जा रही है।
पिछले दो माह से वह बहोड़ापुर थाने, झांसी रोड थाने और एसपी ऑफिस के चक्कर काट रहे है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे जीने से अब मरना अचछा है, इसलिए वह जान देने पहुंची। अफसरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीडि़त मां व बेटी को बहोड़ापुर थाने पहुंचा दिया है और कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।