विश्व तबाखू निषेध दिवस पर ब्रह्माकुमारीज और प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वाधान में लगाई नशा मुक्ति की प्रदर्शनी

May 31 2023

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की भगिनी संस्थान राजयोगा एज्युकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल प्रभाग के द्वारा प्रेस क्लब ग्वालियर के संयुक्त तत्वाधान में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी के स्थानीय सेवा केंद्र ओल्ड हाईकोर्ट स्थित संगम भवन के द्वारा एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसमें बताया गया है कि किस प्रकार से तंबाकू के दुष्प्रभावों को जानकर उससे स्वयं को और अनेकों को मुक्त रख सकते हैं।
प्रर्दशनी में एक कुंड रखा गया जिसमें अनेकानेक लोगो ने व्यसनों को स्वाहा किया साथ ही अच्छी आदतों को जीवन में धारण करने का संकल्प लिया। इस विशेष आयोजन में संस्थान के सभी भाई बहनों ने आने वाले जनमानस को इसके दुष्प्रभावों एवं इससे मुक्ति के उपाय बताए, साथ-साथ राजयोग से सशक्त जीवन बनाने के लिए किस प्रकार के साधन अपना सकते हैं उसका विशेष चित्रण किया गया। 
प्रदर्शनी में विशेष रूप से बताया गया कि तंबाकू में 4000 से ज्यादा रसायनिक तत्व रहते हैं और जिसमें 400 रसायनिक तत्व स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं। अगर आंकड़ों की बात किए जाए तो भारत में प्रतिदिन 2500 से 3000 तक लोग तबाखू सेवन के कारण अपनी जान से हाथ गंवा बैठते हैं। अगर हम निकोटिन की बात करें तो पोटेशियम साइनाइड के बाद निकोटिन सबसे जहरीला पदार्थ है, निकोटिन ही ऐसा पदार्थ है जो लत पैदा करता है। आज के इस आधुनिक युग में जहां नशे के अनेक पदार्थों की उपलब्धता आसानी से होने की वजह से आज की युवा पीढ़ी इससे प्रभावित होती जा रही है। ऐसे में हम सभी को अपनी जिमेदारी लेते हुए जहां स्वयं को इन व्यसनों से मुक्त रखना है, वही अपने आगे आने वाली पीढ़ी को भी इन व्यसनों से मुक्त करने का लक्ष्य रखना है।
इसके लिए हमें अनेक अच्छी आदतें अपने जीवन में धारण करनी है और नशे को ना कहने की शक्ति धारण करनी है जो कि हमें संस्थान द्वारा सिखाई जा रहे निशुल्क रूप से राजयोग के द्वारा प्राप्त होती है।
प्रदर्शनी में ब्रह्माकुमारीज की स्थानीय केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी, डॉ गुरचरण सिंह, बीके प्रहलाद, ग्वालियर प्रेस लब अध्यक्ष राजेश शर्मा,मध्य प्रदेश पत्रकार संघ के अध्यक्ष सुरेन्द्र माथुर, राज दुबे, महेश मुदगल, सौरभ, ध्रुव, पीयूष विजेंद्र सहित अनेकानेक लोग उपस्थित थे।