कुएं के चबूतरे पर बिछे गद्दे पर खेलते समय छात्र गिरा, मौत

May 29 2023

ग्वालियर। एक परिवार की लापरवाही से किसी के घर का चिराग छिन गया। फुफेरी बहन की लगुन में शामिल होने आए 13 वर्षीय छात्र प्रेम की जिंदगी खेल-खेल में हमेशा के लिए गुम हो गई। लडक़े वालों ने मेहमानों के बैठने के लिए कुएं पर भी गद्दे बिछा दिए थे। मासूम छात्र गद्दों पर कूदकर खेल रहा था। उसी समय पटिया सहित गद्दा खिसका और मासूम उसमें जा गिरा। पास से ही गुजर रहे राहगीर रंजीत उसे बचाने के लिए कुएं में कूद गया।
जब वह कुएं में उतर रहा था तो छात्र का सिर-सिर दिख रहा था, लेकिन जब तक वह नीचे पहुंचा छात्रा कुएं की गहराई में कहीं ओझल सा हो गया था। करीब 20 मिनट तक रंजीत ने उसे ढूंढऩे का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद फायर बिग्रेड मौके पर पहुंची। रेस्क्यू दल ने कांटा डालकर छात्र के शव का बाहर निकाला। 
जनकगंज के संजय नगर मूलाजी की खोह में गत रात दो परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। यहां एक खुले पड़े कुएं ने 13 साल के मासूम की जान ले ली। भिंड के बरासों से बुआ की बेटी (फुफेरी बहन) की लगुन लेकर आया परिवार के साथ आया था। 13 साल का प्रेम रजक खेल-खेल में हमेशा के लिए खो गया। लगुन संजय नगर निवासी कामता प्रसाद के बेटे धर्मेंद्र की थी। खुले कुएं के चबूतरे पर मेहमानों के लिए लडक़े वालों ने गद्दे बिछवाए थे, जिस पर नाबालिग खेल रहा था। खेलते समय उसका पैर फिसला और वह कुएं में जा गिरा। हादसा होते ही वहां अफरा तफरी मच गई। कोई रस्सी लेने दौड़ा तो किसी ने फायर बिग्रेड को कॉल किया। पर इसी बीच वहां से गुजर रहे उन्हीं के एक रिश्तेदार रंजीत ने तत्काल मासूम को बचाने के लिए कुएं में उतरने का फैसला किया। जब वह नीचे उतर रहा था तो छात्र का सिर दिख रहा था। पर जब तक वह नीचे पहुंचा छात्र कुएं की गहराई में समा चुका था। उसने 20 मिनट तक छात्र को तलाशने के भरसक प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका।
घटना की सूचना मिलने के 30 मिनट बाद अग्निशमन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। करीब पौने दो घंटे की मशक्कत के बाद रात 1 बजे मासूम प्रेम के शव को कांटा में फंसाकर फायर बिग्रेड के रेस्क्यू दल ने बाहर निकाला है। 
प्रेम को निकालने कुएं में उतरे इस्माइल खान ने बताया कि करीब 30 फीट नीचे उतरने के बाद कुएं में पानी था। अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। इसलिए पानी के अंदर कांटा डाला। इसमें प्रेम का कपड़ा फंसा और फिर उसे बाहर निकाला जा सका।
मृतक प्रेम अभी सिर्फ 13 साल का था। उसका 29 अप्रैल को क्लास-ढ्ढङ्क का रिजल्ट आया था जिसमें वह 80 प्रतिशत अंक के साथ पास हुआ था। उसकी बहुत इच्छा थी कि वह अधिकारी बनकर लोगों की मौत करे। छात्र की मौत की खबर से जिन दो घरों में खुशियां आनी थी वहां मातम पसर गया।
गृह विभाग के निर्देशों के बाद प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त मुहिम चलाई थी। फिर कहा शहर के सभी कुएं बावड़ी कवर किए हो गए हैं, यदि ऐसा था तो यह कहां से खुला रह गया। मृतक छात्र के परिजन बोले हैं कि हादसे के बाद यदि बचाव कार्य समय से शुरू होता तो जान बचाई जा सकती थी।