तेज आंधी ने मचाया तांडव, पेड़ कार पर गिरा

May 27 2023

ग्वालियर। शनिवार की सुबह से ही आसमान में बादल छाने के बाद चली तेज हवा और हल्की बारिश से नौतपा का तीसरा दिन भी ठंडा रहा। सुबह सूर्योदय के बाद ही आसमान में बादलों का आना शुरु हो गया था, दस बजे तक आसमान में घनघोर घटाएं छा गई थीं और तेज हवाएं चलने लगी थीं।
30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवाओं के कारण थीम रोड पर दो पेड़ धराशायी हो गए। यहां कटोराताल के सामने खड़ी कार पर एक पेड़ आ गिरा जिससे कार पिचक गई। गनीमत यह रही उस समय पेड़ के नीचे और कार में कोई नहीं था। वहीं शहर में अन्य स्थानों पर भी तेज हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूट कर जमीन पर आ गिरी। आधा घंटे तक चली तेज हवाओं के बाद ग्यारह बजे से फिर धूप निकल आई। शनिवार की सुबह हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है। तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच चुका था।
शनिवार सुबह चली तेज आंधी और बारिश के कारण मौसम सुहाना हो गया है। मई माह में जहां आसमान से आग बरसती है। वहीं जब नौपता शुरु हो जाता है तब सूर्य की किरणें सीधी जमीन पर आती हैं इस कारण तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है। लेकिन पिछले तीन साल से नौपता के दौरान मौसम गड़बड़ा रहा है। इस बार भी नौतपा की शुरुआत ठंडे मौसम से हुई है। लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभों के कारण इस बार गर्मी अपना रंग नहीं दिखा पाई है। नौपता के तीसरे दिन भी सुबह से आंधी और बारिश ने तापमान को और नीचे ला दिया है।
शनिवार की सुबह ग्वालियर में चले अंधड़ ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। कुछ देर के लिए आंधी अंधड़ की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घन्टे के पार निकल गई। आंधी की मार से कटोराताल स्थित एक पेड़ अपनी जड़ों पर कायम नहीं रह सका और भरभरा कर धरती पकड़ ली। इस पेड़ की चपेट में मारुति वैन आ गई जो पापड़ जैसी पिचक गई। गनीमत यह रही कि जब हादसा हुआ गाड़ी में कोई सवार नहीं था।
शनिवार सुबह 9.30 बजे लगभग तेज आंधी चलना शुरू हुई और फिर बारिश हुई। बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं आंधी ने शहर में कई स्थानों पर मार्ग अवरुद्ध कर दिए। वहीं नौतपा का का तीसरा दिन भी बारिश से धुल गया। बारिश की वजह से शहर में जगह-जगह जलभराव भी हो गया।
मौसम विज्ञानी सीके उपाध्याय के अनुसार हिमालय से पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने तथा पश्चिम बंगाल में अलग-अलग दो चक्रवात बने हुए हैं, इसके अलावा पूर्व-पश्चिम ट्रफ लाइन, एवं पंजाब में बनें चक्रवात से हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार के दक्षिणी क्षेत्र से गुजरने एवं एक अन्य ट्रफ लाइन दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश, विदर्भ तेलंगाना से होते हुए कर्नाटक तक बनीं हुई है। इन मौसम प्रणालियों के कारण मौसम में लगातार नमीं बनीं हुई है। इस वजह से तापमान में लगातार गिरावट आ रही है।