नौतपा:रात में बारिश से शहर में कई स्थानों पर भरा पानी

May 26 2023

ग्वालियर। जम्मू-कश्मीर में आए पश्चिमी विक्षोभ के असर से पहले दिन जहां नौतपा नहीं तपा वहीं रात में हुई तेज बारिश से शहर में कई स्थानों पर पानी भर गया। रात में आई आंधी से कई स्थानों पर पेडों की डंगालें टूट कर गिर गई तो कुछ होर्डिंग और नदी गेट के पास नाले पर लगी जाली भी धराशाई हो गई। रात में हुई बारिश के कारण सुबह की शुरुआत ठंडक के साथ हुई। हवा में आ रही नमी के चलते शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा, आसमान में बादलों के आने-जाने का सिलसिला बना होने से शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहा। 
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिन तक मौसम के इसी तरह रहने के आसार है। अगले 48 घंटों में ग्वालियर-चंबल संभाग में आंधी, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बन रही है। बीती रात 18.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस सीजन में अब तक कुल 44.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है।
25 मई से नौतपा की शुरुआत ठंडे मौसम के साथ हुई। अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के चलते छा रहे बादलों के कारण नौतपा की शुरुआत में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक भी नहीं पहुंच सका। गत दिवस अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज इसमें और भी गिरावट आने के आसार है। पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण बीती रात हुई बारिश के कारण शहर में कई स्थानों पर पानी भर गया। फूलबाग चौराहे पर गांधी उद्यान के सामने नालियां बंद होने से यहां पानी की निकासी नहीं हो सकी। सुबह होने पर पानी की निकासी के लिए निगम कर्मचारी प्रयास कर रहे थे। इसी तरह पड़ाव, और एजी पुल के नीचे भी सुबह तक पानी भरा हुआ था। 
पंप लगाकर निकाला पानी
शब्द प्रताप आश्रम के पास पार्क के सामने बनें कॉम्पलेक्स की पार्किंग में बीती रात हुई बारिश से पानी भर गया। यहां नाला निर्माण कार्य चल रहा है इस कारण पानी का निकास नहीं होने से सारा पानी यहां बने कॉम्पलेक्स में घुस गया। सुबह यहां पंप लगाकर पानी निकाला गया। जीवाजी विश्व विद्यालय के मुख्य गेट के सामने चौराहे पर भी पानी भर गया था। सहारा अस्पताल वाली रोड पर भी रात में पानी भर गया था, यहां सुबह लाइनें खोली गई तब जाकर यहां से पानी की निकासी हो सकी।
गनीमत रही रात थी नहीं तो हो सकता था हादसा
नदी गेट से शिंदे की छावनी जाने वाले मार्ग पर बनें पुल के बांई तरफ लगाई गई बड़ी जाली रात को चली आंधी में सडक़ पर आ गिरी। इस जाली के गिरने से इसको लगाने में की गई लापरवाही और घटिया कार्य होना सामने आ गया है। पुल के एक छोर से दूसरे छोर तक लोहे के एंगलों के साथ इस जाली को निगम ने लगवा तो दिया लेकिन अधिकारियों ने यह नहीं देखा की इसे मजबूती से नहीं लगाया गया है।
एक आंधी के झोके में पूरी जाली सडक़ पर आ गई। अगर यह जाली दिन में आंधी से गिरती तो निश्चित रूप से इससे हादसा हो सकता था। यह पुल शहर के व्यस्ततम पुलों में से एक है यहां से वाहनों और लोगों के आने जाने का तांता लगा रहता है। घटिया कार्य के लिए इसकी जांच होनी चाहिए।
नगर निगम परिषद में शहर के बंद पड़े नालों पर चर्चा हुई थी। इस चर्चा में शामिल अधिकांश पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में नालों की सफाई नहीं होने की बात कही। पार्षदों का कहना था कि हम नालों की सफाई में काफी लेट हो चुके हैं। पिछले दो तीन साल से तो सफाई के नाम पर केवल सफाई की फोटोग्राफी की बात पार्षदों ने कही। इस पर सभापति ने नालों की सफाई कराए जाने के निर्देश भी दिए हैं।