महाराणा प्रताप ने आजीवन अधीनता स्वीकार नहीं की-राठौड़

May 22 2023

ग्वालियर। राजपूत हितकारिणी सभा द्वारा महाराणा प्रताप की जयंती सोमवार को धूमधाम से मनाई गई। गोले का मंदिर चौराहा स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा के पास राजपूत समाज के दर्जनों लोग एकत्रित हुए। जिसके बाद संत कृपाल सिंह महाराज ने महाराणा प्रताप का वैदिक मंत्रोचार के साथ पूजन किया व माला पहनाई। इस अवसर पर विचार संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। जिसमें युगपुरुष महाराणा प्रताप के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला गया। संगोष्ठी में भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य आशीष प्रताप सिंह राठौड़ ने कहा कि भारत माता की कोख से एक से बढक़र एक महान सपूतों ने जन्म लिया है। जिन्होंने सर्वस्व सुखों को त्याग कर पूरे मनोयोग के साथ अपनी मातृभूमि की रक्षा की है। ऐसे ही महान सपूतों की श्रेणी में नाम आता है महाराणा प्रताप का। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में महाराणा प्रताप का नाम साहस, शौर्य, त्याग व बलिदान का मूर्तरूप है। वहीं संत कृपाल सिंह महाराज ने कहा कि महाराणा प्रताप हम सबके प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने आजीवन कभी अधीनता स्वीकार नहीं की। इस अवसर पर आशीष प्रताप सिंह, दशरथ सिंह तोमर, उत्तम सिंह कुशवाह, सरनाम सिंह तोमर, लाल सिंह, राजेंद्र सिंह तोमर, रामराज सिंह राजावत, पंकज राठौड़, जागेश्वर भदौरिया, भरत भदौरिया आदि मौजूद रहे।