साइबर ठगी हो तो तत्काल 1930 नंबर पर काल करें-राजेश दंडोतिया

May 19 2023

ग्वालियर। वर्तमान में साइबर क्राइम पुलिस के लिए सबसे बड़ा चैलेंज साबित हो रहा है। वजह है क्रिमिनल फेसलैस होना। वह हजारों किलोमीटर दूर बैठा है, किराये पर बैंक खाते और फर्जी सिम के जरिये पूरा नेटवर्क चल रहा है। सिम दूसरे राज्य की, खाता किसी दूसरे राज्य का और फोन आता है कहीं और से, इसलिए इसका सबसे बड़ा बचाव है सतर्कता ही है। यही वजह है ग्वालियर पुलिस अब साइबर क्राइम को रोकने के लिए लगातार अवेयरनेस प्रोग्राम चला रही है।
पुलिस द्वारा आठ माह में 118 सेमिनार किए गए, जिसमें खुद एएसपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने स्कूल, कालेज, कोचिंग इंस्टीट्यूट, बैंक, फायनेंस इंस्टीट्यूट में स्टूडेंट्स से लेकर प्रोफेशनल्स और काप्स तक को साइबर क्राइम से बचने के टिप्स दिए। इनमें 50 हजार से ज्यादा लोगों को अवेयर किया। पुलिस अफसर कहते हैं कि अवेयरनेस प्रोग्राम का असर रहा, अब ओटीपी फ्राड में कमी आई है, जो सबसे ज्यादा होते थे।
एएसपी दंडोतिया ने बताया कि अब ठगों ने नए-नए तरीके निकाले हैं। इसके चलते अब ठगी के जिन नए तरीकों के जरिये घटनाएं हो रही हैं, उन्हें लेकर अवेयरनेस प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। अब इन तरीकों से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी को अपने मोबाइल में 1930 हेल्पलाइन नंबर सायबर हेल्पलाइन नंबर नाम से सुरक्षित रखना चाहिए। अगर ठगी का शिकार हो जाएं तो इसे तुरंत डायल करें।
क्राइम ब्रांच का डाटा बताता है कि डेढ़ साल में 86 एफआइआर साइबर क्राइम की दर्ज हुई। इसमें से 80 प्रतिशत मामले ठगी के हैं। पहले सबसे ज्यादा साइबर फ्राड ओटीपी पूछकर, बैंक खाते की जानकारी पूछकर, सेक्सटार्शन के जरिये होती थी। लोगों को सेमिनार के जरिए इस बारे में बताया गया कि अगर ठगी हो जाए तो किस तरह शिकायत कर क्विक रिस्पांस के जरिये खाते में पैसे रुकवाये जा सकते हैं। इसके चलते आठ माह में 21 लोगों के रुपये वापस कराने में क्राइम ब्रांच की साइबर सेल को सफलता मिली है।