विश्व हाइपरटेंशन दिवस- साइलेंट किलर है हाई ब्लड प्रेशर, जांच कराएं

May 16 2023

ग्वालियर। एक सामान्य व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/ 80 होता है। यदि ये 140/90 या उससे ऊपर ज्यादा है तो ऐसी स्थिति को उच्च रक्तचाप कहा जाता है। 25 वर्ष की आयु के बाद लोगों को नियमित अंतराल पर अपना ब्लड प्रेशर जांच कराना चाहिए।
हाइपरटेंशन को हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) भी कहा जाता है। ये अक्सर एक गतिहीन जीवन शैली, मोटापा, तनाव को नजरअंदाज करने और खऱाब व अस्वस्थ खानपान का परिणाम होता है। 25 वर्ष की आयु के बाद लोगों को नियमित अंतराल पर अपना ब्लड प्रेशर जांच कराना चाहिए। लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 17 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस के रूप में मनाया जाता है।
जयारोग्य अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राम रावत का कहना है कि अगर हम संतुलित आहार ग्रहण करते हैं और स्वस्थ जीवन शैली अपनाते हैं तो निश्चित रूप से उच्च रक्तचाप की बीमारी से बच सकते हैं। उन्होंने के कहा कि हाइपरटेंशन की बीमारी साइलेंट किलर है।
एक सामान्य व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/ 80 होता है। यदि ये 140/90 या उससे ऊपर ज्यादा है तो ऐसी स्थिति को उच्च रक्तचाप कहा जाता है। दो तरह के ब्लड प्रेशर होते हैं। एक होता है, सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर और एक होता है डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर। आम भाषा में समझें तो जिसे आप ऊपर का ब्लड प्रेशर कहते हैं वो है सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर। वहीं, जिसे लोग नीचे वाला ब्लड प्रेशर कहते हैं, वो डायस्टोलिक प्रेशर होता है। 
वहीं जयारोग्य अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव कवि भार्गव ने बताया कि उच्च रक्तचाप एक ऐसी अवस्था है जिससे हार्ट अटैक, हार्ट स्ट्रोक, मनोभ्रंश, क्रोनिक किडनी डिजीज और दृष्टि हानि जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। अधिकतर मामलों में पीडि़त मरीज को बीमारी के शुरुआती चरणों का पता ही नहीं चलता जिससे यह क्रॉनिक रूप ले लेता है और अंत में यह जानलेवा बन जाता है।