पराई स्त्री व पराया धन विष का समान-साध्वी भारती
May 10 2023
ग्वालियर। पराया धन और पराई स्त्री विष के समान हैं,जो इंसान का विनाश कर देते हैं, इसलिए कभी भी पराये धन और पराई स्त्री की अभिलाषा न करें। यह विचार साध्वी सरस्वती देवी ने बुधवार को कालीमाता मंदिर गोल पहाडिय़ा पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि भगवान की कथा में एक बार मन रम जाए, तो बार बार सुनने का मन करता है। भगवान की कथा अनंत है। इसका कोई छोर नहीं हैं। मेरी अंजुरी में जितनी भागवत कथा आ रही है वो मैं आपको परोस रही हूं। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति के बदले यदि कुछ मांगना है तो सिर्फ भगवान को मांगो। बाकी सब तो स्वत: ही मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पत्नी प्रेम सिर्फ अपने पति से करती है और सम्मान सबका करती है उसी प्रकार आप प्रेम अपने आराध्य जो भी हों राम-कृष्ण से करो, लेकिन सम्मान सभी देवी देवताओं का करो। नारद मुनि का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि पार्वती मां नारद को अपना गुरू मानती थीं, जबकि नारद पावती को अपना मां मानते थे।
साध्वी शिव भारती देवी ने कहा कि यदि किसी को सुख नहीं दे सकते हो तो दुख देने का अधिकार भी आपको नहीं है। यदि कहीं पाप दिखे तो यथासंभव उसे रोको, और ऐसा करने का सामर्थ्य आपमें नहीं हैं तो वहां से आंख बंद करके निकल जाओ, क्योंकि पाप को होते देखना भी पाप है। साध्वी ने कहा कि कर्म का फल हर व्यक्ति को मिलता है, इसलिए भगवान को याद करते हुए कर्म करने चाहिए। कोई आपके बुरे कर्मों को देखे न देखे लेकिन भगवान अवश्य देखता है। इस मौके पर छिकारी आश्रम के दर्शन गिरी महाराज, नगर निगम के पूर्व सभापति गंगाराम बघेल, कथा परीक्षत संजनी गिरीश पाल, बलराम पाल, भगवानदास बोहरे सहित सैकड़ों श्रद्धालु श्रोताओं ने कथा का आनंद लिया।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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