नारद जी की तरह करें जनकल्याणकारी पत्रकारिता : डॉ. शुक्ल
May 08 2023
ग्वालियर। जिस तरह से त्रिलोक के पहले पत्रकार देवर्षि नारद ने लोगों की भलाई के लिए काम किया, इसी तरह से समस्याओं को उठाते हुए हमें जनकल्याणकारी पत्रकारिता करना चाहिए। हालांकि विरोधियों ने नारद मुनि के चरित्र को विकृत कर दिया था, लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा भलाई रहा। आज पत्रकारों की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है। पत्रकार का काम सनसनी नहीं समस्या का समाधान कराना है।
यह बात उप्र के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदी साहित्य भारती डॉ.रवीन्द्र शुक्ल ने बाल भवन सभागार में आयोजित आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती पत्रकारिता सम्मान एवं संवाद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता की आसंदी से कही। मामा माणिकचंद वाजपेयी स्मृति सेवा न्यास के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार हरिमोहन शर्मा थे। अध्यक्षता न्यास के अध्यक्ष दीपक सचेती ने की। चयन समिति के अध्यक्ष दिनेश चाकणकर एवं कार्यक्रम संयोजक राजीव अग्रवाल भी मंचासीन थे।
मुख्य वक्ता डॉ. शुक्ल ने कहा कि पत्रकार समाज हित में सत्य का साथ दें, लेकिन ऐसी पत्रकारिता न करें जिससे भारत का अहित हो। उन्होंने कहा कि देश में आज जातिवाद, सांप्रदायिकता सहित कई समस्याएं विस्फोटक स्थिति में है। ऐसे में सकारात्मक पत्रकारिता बहुत जरूरी है। शुक्ल ने मनु स्मृति और श्रीमद् भगवत गीता का उदाहरण देते हुए कहा कि मनुष्य जन्म से शूद्र पैदा होता है। कर्म के आधार पर जाति व्यवस्था तय होती थी। उन्होंने रामायण की चौपाई का उदाहरण देते हुए कहा कि ताडऩा का अर्थ प्रताडऩा नहीं है, बल्कि देखभाल करना और विशेषरूप से ध्यान देना है। चयन समिति में शामिल दिनेश चाकणकर, प्रवीण दुबे, बलराम सोनी एवं विनय अग्रवाल को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में सरस्वती वंदना साहित्यकार करुणा सक्सेना ने की।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
MP Info News
Invalid RSS feed URL.
ब्रेकिंग न्यूज़
विज़िटर संख्या
अन्य ख़बरें
-
-
-
*हेमू कालानी जन्मोत्सव मिष्ठान वितरण कर बनाया* *
—03/23/2019 -









