डॉक्टर काम पर लौटे, अब सामूहिक इस्तीफे की तैयारी

May 04 2023

ग्वालियर। चिकित्सक महासंघ के आह्वान पर 3 मई को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए सभी सरकारी चिकित्सकों के हाईकोर्ट के आदेश के बाद रात को काम पर लौट आने से मरीजों को राहत मिली है। गुरूवार सुबह से ही स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हो गई। डॉक्टरों ने ओपीड़ी में जहां मरीजों को देखा वहीं सुबह से ऑपरेशन भी शुरु हो गए हैं।
उधर महासंघ प्रदेश भर के चिकित्सकों के साथ ऑनलाइन बैठक कर अपना अगला कदम उठा सकते हैं। चर्चा है कि सभी डॉक्टर बैठक में सामूहिक इस्तीफे देने पर भी विचार कर सकते हैं। अगर ऐसा कोई निर्णय डॉक्टरों ने लिया तो एक बार फिर हालात बिगड़ सकते हैं।
उच्च न्यायालय ने गत दिवस एक जनहित याचिका पर डॉक्टरों की हड़ताल को अवैध ठहराते हुए डॉक्टरों को तत्काल काम पर लौटने के लिए कहा था, इसके बाद देर रात तक डॉक्टरों के बीच चले मंथन के बाद देर रात को डॉक्टरों ने हड़ताल वापस लेने का एलान कर दिया। चिकित्सकों के महासंघ ने सभी डॉक्टरों से काम पर लौटने के लिए जैसे ही पत्र जारी किया सभी डॉक्टर रात में ही काम पर लौट आए। डॉक्टर न्यायालय के आदेश से काम पर लौट आए लेकिन उनकी मांगे पूरी नहीं होने से सरकार से बहुत नाराज हैं। इसीलिए संघ ने ऑनलाइन बैठक बुलाई है। 
मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ अखिलेश त्रिवेदी ने कहा कि बैठक में विचार विमर्श के बाद अगला कदम क्या होगा इस पर निर्णय होगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर सामूहिक इस्तीफे देने का निर्णय भी ले सकते हैं। सचिव डॉ.माखन माहौर ने कहा कि हम न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन सरकार को भी डॉैटरों की मांगों को जल्दी मानना चाहिए। 
डॉक्टरों की हड़ताल खत्म होने की सूचना के बाद गत दिवस बिना उपचार के घर लौटे मरीज आज सुबह फिर अस्पताल में पहुंचे। एक हजार बिस्तर के अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की लाइनें लग गईं थीं। मरीजों को डॉक्टर मिलने पर सुकून था। स्वास्थ्य सेवाओं के बहाल होने से आज नियमित ऑपरेशन भी प्रारंभ हो गए। एक दिन की हड़ताल से ही स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई थी। सरकार के सभी दावे फेल हो गए थे।
मरीजों की जबरन छुट्टी की जा रही थी एवं पोस्टमार्टम नहीं होने से लोगों को चक्काजाम और प्रदर्शन करने पड़े थे। जिला अस्पताल सहित सभी सिविल अस्पतालों एवं डिस्पेंसरियों में भी डॉक्टरों ने मरीजों को देखा।