27 घंटे से पोस्टमार्टम के लिए रखे हैं शव डॉक्टर हड़ताल पर हैं, परिजन ने सडक़ पर जाम लगाया

May 03 2023

ग्वालियर। डॉक्टरों की हड़ताल का असर आम लोगों पर पडऩे लगा है। बुधवार को ग्वालियर के जेएएच स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर पांच लाश पोस्टमार्टम के लिए रखी हुई थी। परिजन को 27 से 28 घंटे हो गए, लेकिन डॉक्टर पोस्टमार्टम करने नहीं आ रहे हैं। प्रशासन से भी कोई जवाब नहीं मिल रहा है, जबकि जिनके घरों में मौत हुई हैं वहां 27 घंटे से कोहराम मचा है। गर्मी में रो-रोकर दो से तीन महिलाएं बेहोश हो गई है।
बुधवार दोपहर मृतक के परिजनों ने हड़ताल कर रहे डॉक्टरों से गुहार लगाकर पोस्टमार्टम करने के लिए कहा, लेकिन डॉक्टरों का साफ कहना था कि वह हड़ताल पर हैं। इसके बाद आक्रोशित परिजन ने सडक़ पर जाम लगा दिया है। मृतक के परिजन का कहना है कि जब तक शासन और प्रशासन पोस्टमार्टम का इंतजाम नहीं करता है जाम नहीं खोलेंगे। फिर पोस्टमार्टम शुरू होने पर जाम खोल दिया गया।
अपनी मांगों को लेकर ग्वालियर सहित पूरे मध्य प्रदेश के 15 हजार से ज्यादा डॉक्टर हड़ताल पर हैं। ग्वालियर में जेएएच अस्पताल समूह और स्वास्थ्य विभाग के करीब 500 डॉक्टरों ने बुधवार सुबह से काम बंद हड़ताल पर चले गए हैं। शासन और प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को लडख़ड़ाने से बचाने के लिए आयुष डॉक्टरों को ड्यूटी पर लगाया है, लेकिन हड़ताल के पहले ही दिन हालात बिगड़ गए हैं। 
सबसे ज्यादा हालत पोस्टमार्टम हाउस पर खराब है। ग्वालियर के जेएएच स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर बुधवार को पांच शव थे। जिसमें से तीन ज्ञात थे और दो शव अज्ञात थे। सभी शवों का पोस्टमार्टम होना था, लेकिन ग्वालियर में डॉक्टर हड़ताल पर हैं इसलिए पोस्टमार्टम नहीं हो पा रहे हैं। इससे नाराज मृतकों के परिजन ने बुधवार दोपहर हॉस्पिटल के बाहर सडक़ पर ट्रैफिक जाम कर दिया है। खबर लिखे जाने तक जाम चल रहा था।
पुरानी छावनी महू जमाहर निवासी 35 वर्षी मंडी किसान नरेन्द्र बाथम का शव बीते 27 घंटे से पोस्टमार्टम के लिए रखा है। पर डॉक्टर पोस्टमार्टम नहीं कर रहे हैं। नरेन्द्र ने मंगलवार सुबह 10 बजे मंडी से लौटने के बाद कीटनाशक पी लिया था। उसे गंभीर हालत में पोस्टमार्टम के लिए जेएएच के डेड हाउस भेज दिया गया। मंगलवार 12 बजे नरेन्द्र का शव डेड हाउस पहुंच गया था, लेकिन डॉक्टर 1 बजे तक हड़ताल पर थे। इसके बाद पुलिस ने लापरवाही दिखाई और कागजी कार्रवाई में मंगलवार का पूरा दिन गुजार दिया, जबकि पुलिस को पता था कि डॉक्टर 3 मई (बुधवार) से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। 
बुधवार को डॉक्टर हड़ताल पर चले गए तो उन्होंने पोस्टमार्टम नहीं किया। मृतक के चाचा संतोष कुमार बाथम का कहना है कि जवान मौत के बाद घर में कोहराम मचा है। मृतक की पत्नी रो-रोकर बेहोश तक हो गई है, इसके बाद भी शासन और प्रशासन कुछ नहीं कर रहा। 27 घंटे से शव मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
हजीरा के गदाईपुरा निवासी 17 साल की 12वीं की छात्रा कामना बघेल ने मंगलवार सुबह 11.30 बजे के लगभग फांसी लगाकर जान दे दी थी। बच्ची डिप्रेशन में थी। उसके शव को पुलिस ने दोपहर 2 बजे ही डेड हाउस पहुंचा दिया गया था, लेकिन पहले पुलिस ने लापरवाही की और दस्तावेज देर से दिए जिस कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाया और बुधवार से डॉक्टर हड़ताल पर हैं जिस कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। कामना के चाचा का कहना है कि घर में मातम पसरा है और यहां पोस्टमार्टम नहीं हो रहा है। पोस्टमार्टम नहीं करना है तो हमारी बच्ची की लाश वापस दे दो।
पोस्टमार्टम न होने से आक्रोशित परिजनों ने जेएएच के हजार बिस्तर के अस्पताल के सामने चक्काजाम कर दिया है। ठेले व ट्रैक्टर ट्रॉली सडक़ पर अड़ाकर ट्रैफिक को रोक दिया है। जाम लगाने की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन पहुंच गया है और लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। ओर काफी देर बाद पोस्टमार्टम शुरू होने पर जाम खोल दिया गया।