ग्वालियर में रिमझिम बारिश, वीकेंड मनाने निकले शहरवासी/ बारिश से शादी वालों की बड़ी टेंशन

Apr 30 2023

ग्वालियर।अप्रैल महीने की शुरुआत बारिश के साथ हुई थी और विदाई भी रिमझिम बारिश से हो रही है। मार्च के बाद अप्रैल महीना भी अन्य सालों की तुलना में ठंडा रहा है। रविवार को सुबह से बादल छाए हुए थे सुबह 10 बजे के बाद अचानक बादलों ने चुप्पी तोड़ी और रिमझिम वर्षा होने लगी। रविवार का दिन, रिमझित बारिश और स्कूलों में छुट्टी के बाद शहर के लोग आसपास के पर्यटन स्थल, डैम पर वीकेंड मनाने निकल गए।
गर्मी में ऐसा लग रहा है जैसे सावन का महीना चल रहा है। रविवार को हुई बारिश और आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावनाओं के चलते अगले दो दिन जिन घरों में विवाह समारोह है उनकी चिंताएं बढ़ा गई हैं। शहर के मैरिज गार्डन बुक है और मौसम झटके दे रहा है, ऐसे में रंग में भंग न पड़े इसके लिए जतन भी किए जा रहे हैं।
ग्वालियर सहित अंचल के आसपास के शहरों में रविवार को मौसम एक बार फिर से बदल गया है। ग्वालियर के आसमान में बादल तो शनिवार से ही मंडरा रहे थे, लेकिन बरसे रविवार सुबह के बाद है। रविवार सुबह गहरे बादल थे दोपहर 10 से 11 बजे के बीच अचानक आसमान में बादलों की गड़बड़ाहट बढ़ी और रिमझिम फुहारों ने पूरे शहर को तरबतर कर दिया। शहर के लोगों को तो गर्मी से राहत है ही ऊपर से स्कूलों में समर विकेशन शुरू हो चुके है। रविवार के दिन बारिश के बाद लोग पिकनिक के मूड में आ गए।
 मौसम में आए परिवर्तन से सबसे ज्यादा चिंता शादी वालों को सता रही है। मौसम विभाग द्वारा अगले चार-पांच दिन तक बारिश होने और ओला वृष्टि की संभावनाएं व्यक्त की है, ऐसे में उन्हें चिंता है कि अगर समारोह के दौरान बारिश हुई तो वे क्या करेंगे। फरवरी माह में गर्मी ने जिस तरह अपने तेवर दिखाए थे उससे लग रहा था कि इस बार मार्च अप्रैल बहुत ही भारी पडऩे वाला है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण मार्च में जहां पांच बार बारिश एवं ओलावृष्टि हुई, वहीं अप्रैल में लगातार बारिश हुई है। बारिश के कारण एक दिन पहले शनिवार को ग्वालियर का अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस रहने से दिन में भी ठंडक रही थी।
मौसम विभाग की माने तो एक मई से एक ओर नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है इस कारण मई के पहले सप्ताह में ज्यादा गर्मी पडऩे के आसार नहीं है। इस दौरान आंधी और वर्षा हो सकती है। प्रशांत महासागर में अलनीनो इफेक्ट के चलते अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी गर्मी को थामे हुए है। मौसम में हो रहे परिवर्तनों के चलते आ रहे पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आ रही पर्याप्त नमी से मौसम ठंडा बना हुआ है।