अंडरवाटर ट्रेनिंग में जवान ने देर तक सांस रोकी नाक-कान में भरा पानी, हालत गंभीर,आईसीयू में भर्ती

Apr 29 2023

ग्वालियर। होमगार्ड से स्टेट डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स में ऑन डेपुटेशन जाने के लिए अंडरवाटर रेस्क्यू ऑपरेशन ट्रेनिंग ले रहा होमगार्ड का जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है। जवान ने रमौआ डैम में गहराई में अपनी क्षमता से ज्यादा सांस रोकने का प्रयास किया। जिस कारण उसके नाक और कान में पानी भर गया। गंभीर हालत में उसे जेएएच के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। होमगार्ड जवान की हालत नाजुक है। इस ट्रेनिंग में उसका छोटा भाई भी उसके साथ था। जवान की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। 
ग्वालियर अंचल के अशोक नगर निवासी 30 वर्षीय अरुण रघुवंशी होमगार्ड में बतौर कॉन्स्टेबल पदस्थ हैं। अभी वह ग्वालियर के होमगार्ड यूनिट में हैं। अभी होमगार्ड से ऑन डेपुटेशन स्टेट डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स  में जाने के लिए ट्रेनिंग चल रही है। जिसमें अरुण ने भी भाग लिया था। अरुण के साथ उसका छोटा भाई 25 वर्षीय प्रदीप रघुवंशी भी इस ट्रेनिंग में भाग ले रहा था। 24 अप्रैल को अंडरवाटर रेस्क्यू ऑपरेशन ट्रेनिंग के दौरान जवानों को पानी के अंदर जाकर कुछ देर तक अपनी सांस रोकनी थी।
ट्रेनिंग के दौरान सांस रोककर जवान को अपनी क्षमता का आकलन करना था। ट्रेनिंग के लिए सभी जवानों को ग्वालियर के मुरार स्थित रमौआ डैम ले जाया गया था। यहां जवान पानी में उतर गए। यहां सभी जवानों ने अंडर वाटर ट्रेनिंग में सांस रोकी, लेकिन अरुण रघुवंशी ने क्षमता से ज्यादा देर तक सांस रोकी। जब उसे घबराहट हुई तो वह भड़भड़ाया और इसी दौरान उसके नाक, कान व मुंह में पानी भर गया।
घायल जवान के भाई प्रदीप रघुवंशी ने बताया कि उसके भाई को होमगार्ड में जवान रहते हुए लगभग पांच साल हो गए हैं। इस ट्रेनिंग में मैंने भी भाग लिया था। हम सभी होमगार्ड कैंपस पहुंचे और 6.30 बजे ट्रेनिंग शुरू हुई थी। मैं सांस रोकने के बाद बाहर आ गया, लेकिन भाई नहीं आया था। कुछ ही सेकंड बाद भाई घबराता हुए बाहर निकला, उसके नाक, कान में पानी भर गया था।
डॉक्टरों का कहना है कि जवान जब आया था उसके नाक और कान में पानी भरा था। स्थिति बहुत नाजुक थी, लेकिन अब पहले से मामूली सुधार है। उसकी स्थिति अभी भी खतरे से बाहर नहीं है। डॉक्टर जवान की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। फिलहाल वह कुछ हाथ-पैर हिला रहा है। उम्मीद है कि इस तरह असर रहा तो जल्द जवान कवर कर लेगा।
98 जवान ट्रेनिंग पर थे
होमगार्ड प्लाटून कमांडर सौरभ सिंह भदौरिया ने बताया कि स्टेट डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स में पांच पदों पर डेपुटेशन के लिए 45 दिन की ट्रेनिंग चल रही थी। इसमें 98 होमगार्ड जवान ट्रेनिंग ले रहे थे। अरुण के फिजिकल को लेकर पहले भी परेशानी थी। वह उतना फिट नहीं था, जितना खुद को समझता था।
45 दिन में मानसिक व शारीरिक क्षमता होनी थी चेक
होमगार्ड के अफसरों ने बताया कि स्टेट डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स में जाने के लिए जवानों की कड़ी ट्रेनिंग होती है। 45 दिन में कई तरह की ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। जैसे सबसे पहले क्लासरूम में बेसिक क्लास होती है। उसके बाद वोटिंग, उफनते पानी में पीडि़त को बाहर निकालना। अंडरवाटर ट्रेनिंग, पहाड़ों पर चढऩा आदि सब शामिल होता है। इस ट्रेनिंग में अरुण ने भाग लिया था।