नमाजी व रोजेदारों ने नमाज अदाकर, गले मिल दी ईद की मुबारकबाद

Apr 22 2023

ग्वालियर। शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार शहर में परंपरागत तरीके से मनाया गया है। नमाजी और रोजेदार सुबह ईदगाहों, मस्जिदों व इबादतगाहों में पहुंचे। यहां अमन की नमाज अदा की फिर एक दूसरे के गले मिल ईद-उल-फितर की मुबारकबाद दी। नमाज और मुबारकबाद देने के बाद सिवइयों से कराया एक दूसरे का मुंह मीठा कराया और मस्जिद के बाहर बैठे गरीबों में सिवइयां बांटी तो किसी ने कपड़े दान किए। ईद के मौके पर घर-घर में दावत बुलाई गई थीं। शहर का माहौल खुशनुमा हो गया था। मस्जिदों में नेता भी पहुंचे हैं और मुस्लिम भाइयों को ईद की मुबारकबाद दी है।
बता दें कि पवित्र रमजान का एक माह पूरा होने पर मुस्लिम समाज के लोगों ने शनिवार को ईद-उल-फितर (मीठी ईद) पारंपरिक श्रद्धा हर्षोल्लास के साथ मनाई है। नमाज के बाद सभी ने एक दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी है। इस अवसर पर बच्चों को बड़ों से आशीर्वाद स्वरूप ईदी दी गई। केंद्रीय जेल में भी ईद मनाई गई है। इसके बाद जेल के अधिकारी ने सेन्ट्रल जेल में बंद मुस्लिम कैदियों को मुबारकबाद दी है।
शहर काजी अब्दुल अजीज कादरी ने बताया कि ईद पर शहर की मस्जिदों और ईदगाहों पर अलग-अलग समय पर ईद की नमाज अदा की गई है। अब्दुल अजीज कादरी का कहना है कि नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग गले-शिकवे दूर करने के लिए गले और एक दूसरे को अमन की दुआं के साथ ईद की बधाइयां दी।
ग्वालियर शहर में स्थित करीब 80 दरगाह में अलग-अलग समय जैसे सुबह 7 बजे से 9:30 बजे तक नमाज अदा की गई है। सुबह से ही मस्जिद, दरगाह, इबादतगाहों के बाहर नमाजी पहुंचना शुरू हो गए थे। फूलबाग मस्जिद, जीवाजीगंज मस्जिद में सुबह 7 बजे नमाज हुई है।
शनिवार को मीठी ईद पर घरों में सुबह से ही पकवान बन रहे हैं और सिवइयां व फैनी की खीर बनाई जा रही है। सुबह से ही मुंह मीठा कराकर ईद की मुबारकबाद दी जा रही है। बच्चे बड़े बुजुर्गों को ईद की मुबारकबाद देते हुए ईदी मांग रहे हैं। बच्चों को बुजुर्ग ईदी देते हैं वह उनके लिए सबसे बड़ा तोहफा होता है। शनिवार सुबह से ही घर-घर में ईद की तैयारियां जोरों पर थी। सुबह जब बच्चे और बुजुर्ग नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों में पहुंचे और वापस घर लौटे तो सिवइयां खिलाकर एक दूसरे का मुंह मीठा कराया।
पुलिस के कड़े पहरे में मनी ईद
ईद की नमाज मस्जिदों में सुबह 7 बजे से शुरू हुई है, लेकिन पुलिस ने आधी रात में ही मस्जिदों और ईदगाहों को अपनी निगरानी में ले लिया था। भोर होते ही पुलिस के मुस्तैद जवान तैनात होकर सुरक्षा-व्यवस्था को पुख्ता कर रहे थे तो वहीं डॉग स्क्वाड व बम डिस्पोजल दस्ता भी निगरानी करते हुए तलाशी ली। ईद को देखते हुए एक हजार जवान व अफसरों की तैनाती की गई थी। मुरार ईदगाह पर रास्ता बंद कर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया। मुरार में दरगाह के बाद सडक़ तक नमाजी बैठकर नमाज पढ़ते हैं।