ग्वालियर के जेएएच, जिला अस्पताल में हुई कोविड मॉकड्रिल

Apr 10 2023

ग्वालियर। एक बार फिर कोविड लोगों को डरा रहा है। अचानक कोरोना के मरीज बढऩे की खबरों से दहशत का महौल है। प्रदेश सरकार भी इसको लेकर चिंतित है। यही कारण है कि सोमवार को ग्वालियर सहित प्रदेश के सभी अस्पताल में कोविड की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने मॉकड्रिल कर एक रियलिटी चेक किया है। ग्वालियर-चंबल अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य अस्पताल समूह में कोविड को लेकर तैयारियां चाक चौबंध दिखीं, लेकिन कुछ कमियां भी नजर आई है।
मॉकड्रिल में एम्बुलेंस से कोविड पेशेंट को लेकर कैजुअल्टी पहुंची। यहां पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) किट में तैयार बैठे डॉक्टरों व स्टाफ ने तत्काल पेशेंट को जांच में लिया। उसकी हेल्थ का परीक्षण कर कोविड वार्ड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के कोविड वार्ड में पहुंचाया गया। बाकी तैयारियां तो ठीक थी, लेकिन मॉकड्रिल की जल्दबाजी में कोविड पेशेंट को एम्बुलेंस से बिना ऑक्सीजन मास्क लगाए ही ले गए। इसके अलावा कुछ कमियां मिली हैं, लेकिन यह बड़ी नहीं है।
ग्वालियर-चंबल अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जेएएच समूह में जेएएच अधीक्षक आरकेएस धाकड़ सहित तमाम डॉक्टर वहां खड़े दिखे। आरकेएस धाकड़ ने बताया कि सोमवार सुबह 10.30 बजे से उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट शुरू किया है। करीब 25 से 30 मिनट में प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई सभी पॉइंट पर होने लगी। कोविड के लिए 18 ऑक्सीजन बेड का वार्ड तैयार किया गया है। और मरीज आते हैं तो उनको यहीं शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद यदि हालात बिगड़ते हैं और मरीजों की संख्या बढ़ती है तो तत्काल बेड बढ़ा दिए जाएंगे।
ऑक्सीजन तो आईसीयू के बेड के दोनों ओर पॉइंट पर पहुंच रहा था, लेकिन वह कितना शुद्ध है यह भी मायने रखता है। ऑक्सीजन प्लांट से किस स्तर का ऑक्सीजन जनरेट किया जा रहा है। जब जेएएच और जिला अस्पताल में ऑक्सीजन के शुद्धता मीटर पर पहुंचे तो वहां 95 से 99.9 प्रतिशत की शुद्धता से ऑक्सीजन जनरेट होता दिखा। शायद ही ग्वालियर में किसी और ऑक्सीजन प्लांट से इतनी शुद्ध ऑक्सीजन जनरेट हो रही हो। जिला अस्पताल स्थित ऑक्सीजन प्लांट से एक मिनट में 200 लीटर ऑक्सीजन बनती है। जबकि जेएएच में लिक्विड ऑक्सीजन, कैप्सूल ऑक्सीजन प्लांट सहित करीब 5 प्लांट है। यहां ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।
ग्वालियर के जेएएच समूह में प्रशासन ने कोविड की तैयारियों को लेकर मॉकड्रिल की। जिसमें कोविड के पेशेंट को एम्बुलेंस से लाकर पहले कैजुअल्टी तक लाया गया वहां उसकी जांच की गई और बाद में ऑक्सीजन लगाकर कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया है। यह पूरी तैयारी के बाद जेएएच प्रबंधन का कहना था कि हम कोविड से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पर दावा अपनी जगह है मॉकड्रिल में कई जगह लापरवाही भी नजर आई। जैसे बिना ऑक्सीजन मरीज को लाना, लेकिन कोविड वार्ड में वेंटीलेटर से लेकर ऑक्सीजन की सप्लाई परफेक्ट नजर आई है।
मॉकड्रिल पर जेएएच अधीक्षक आरकेएस धाकड़ का कहना है कि कोविड के केस बढ़ते हैं उसके लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। सोमवार को मॉकड्रिल की गई है। सभी तैयारियों को चेक किया गया है। 18 ऑक्सीजन बेड का वार्ड बनाया गया है जहां कोविड पेशेंट आने पर उनका इलाज किया जाएगा। ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है लिक्विड ऑक्सीजन प्लान, कैप्सूल व सिलेंडर के जरिए पूरी तरह ऑक्सीजन पर्याप्त है।