जिंदगी की गाड़ी पाप और पुण्य रूपी दो पटरियों पर दौड़ रही है-गणिनी आर्यिकाश्री

Apr 02 2023

ग्वालियर। सुख ही सुख और दुख ही दुख का दाता है। मनुष्य जीवन के कर्मों का फल निश्चित है। जैसी करनी, वैसा फल, आज नहीं तो निश्चय कल। जिंदगी की गाड़ी पाप और पुण्य रूपी दो पटरियों पर दौड़ रही है, पर समझना चाहिए कि पाप करना सरल है, पर पाप का दुख भोगना कठिन होता है। पुण्य करना कठिन है, पर उसका फल भोगना सरल होता है। पुण्य सदैव सहायता करने के लिए आतुर रहता है, पुण्य कभी किसी से डरता नहीं किसी के आगे झुकता नहीं, वह स्वयं रहते हुए दूसरों को भी अभयता प्रदान करता है। यह विचार गणिनी आर्यिकाश्री स्वस्तिभूषण माताजी ने रविवार को नई सडक़ स्थित चंपाबागा बगीची में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मंच पर गणिनी आर्यिकाश्री लक्ष्मीभूषण माताजी भी मौजूद थी।
गणिनी आर्यिकाश्री माताजी ने कहा कि भगवान महावीर के उपदेशों को दुनिया में बांट रहे। जब जहां जैसे अवसर मिले, धर्म आचरण पूर्वक पुण्य का संचय करते रहना चाहिए। कृत कर्मों का फल स्वयं को ही मिलता है। जैसे ट्यूब लाइट का बटन दबाने पर पंखा नहीं चलता। चक्की में चना डालने पर गेहूं का आटा नहीं मिलता। उसी प्रकार पाप से कमाए धन का उपभोग करने पर पुण्य का संचय नहीं होता पैसा बहुत कमाया पर पाप में लगाया तो धन का कोई महत्व नहीं? और पुण्य का कोई फल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पाप का घड़ा एक दिन भरता है और फूटता भी है। कंश, दुर्योधन इसके उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि जीवन को सार्थक बनाना है तो गुरू चरणों में समर्पित कर दो, धर्म आचरण के साथ जीवन समर्पित करने पर जंग लगे लोहे को भी सोना बना रहे हैं। प्रवचनों से पहले धर्मसभा का शुभारंभ भगवन महावीर स्वामी के चित्र आवरण पुरुषोत्तम जैन व नरेंद्र बिलाला निर्मल पाटनी एवं डॉ वीरेंद्र गंगवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। मंगल चरण वीणा कासलीवाल ने किया। इस मौके पर महावीर जयंती सामिति के मुख्य संयोजक अनुराग जैन, वित्तमंत्री चक्रेश जैन, मुकेश जैन, पंकज बाकलीवाल, विनय कासलीवाल आदि मौजूद थे।
आज माँ त्रिशला महिला सम्मेलन आयोजित होगा
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि महावीर जयंती महोत्सव समिति व अखिल जैन समाज बृहत्तर के तत्वावधान में भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव के अवसर पर 3 अप्रैल को नई सडक़ स्थित चंपाबाग धर्मशाला में दोपहर 1 बजे से गणिनी आर्यिकाश्री ससंघ के सानिध्य में माँ त्रिशला महिला सम्मेलन आयोजित होगा। जिसमें मुख्य अतिथि पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता, सम्मेलन की मुख्य वक्ता श्रीमती कविता जैन सुनीता जैन होगी। मुख्य विषय बच्चों में धार्मिक संस्कार, फैशन और व्यसन के दुष्परिणाम, महिलाओ में धर्म संस्कृति के प्रति कम रुझान, जॉप में बढ़ाते हुए कदम, वर्तमान बढ़ाते हुए तलाक के लिए घातक आदि चर्चा पर होगी। कार्यक़म में मुरार, उपनगर किलागेट, लश्कर आदि जगहों से पहुँचकर महिलाएं सम्मिलित होगी।