क्राइम ब्रांच ने पेपर लीक कराने वाले गिरोह को किया बस्र्ट

Apr 02 2023

ग्वालियर। 7 फरवरी को नेशनल हेल्थ मिशन के तहत संविदा आधारित नर्सिंग स्टाफ की भर्ती परीक्षा संपूर्ण मध्यप्रदेश में प्रात: 10 से 12 और दोपहर 3 से 5 दो पालियों में होनी थी। लेकिन परीक्षा के पूर्व ही पेपर लीक कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह ने ग्वालियर में सक्रिय होकर पेपर लीक करा दिया था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अमित सांघी के आदेश बाद क्राईम ब्रांच ने गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार कर पेपर आउट कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। इस कार्रवाई के बाद नेशनल हेल्थ मिशन म.प्र. ने आयोजित होने वाली संविदा आधारित नर्सिंग स्टाफ भर्ती परीक्षा को निरस्त कर दिया गया था। इस मामले के लिए पुलिस ने
 एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी प्रभारी एएसपी ऋ षिकेश मीणा, सीएसपी, डीएसपी शियाज़ के.एम के नेतृत्व में विवेचना में टीमें तैयार कर एपटेक कंपनी मुंबई व एमईएल कंपनी नोएडा रवाना कर साक्ष्य संकलन किया था। आरोपीगणों के मोबाइल व तकनीकी साक्ष्य एवं खाता विवरण के आधार पर अन्य 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिसमें से 2 आरोपी पूर्व में एपटेक कंपनी मुंबई में कार्य कर चुकें हैं। अन्य एक आरोपी वर्तमान में भी उक्त कंपनियों में कार्यरत है जो कि ऑनलाईन परीक्षाओं का कार्य देख रहा है। 
उक्त प्रकरण में विवेचना के दौरान आए साक्ष्य में ज्ञात हुआ है कि पकड़े गये आरोपियों में से 11 लोग छात्र-छात्राओं को एकत्रित कर उनके मूल दस्तावेज लेकर परीक्षा से पूर्व पेपर उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे थे और शेष 4 आरोपियों में से एक आरोपी की ड्यूटी परीक्षा दिनांक को परीक्षा केन्द्र पर थी। जिसे वर्तमान में कंपनी में कार्यरत एक आरोपी ने एपटेक/एमईएल कंपनी के सर्वर का आईडी पासवर्ड दिया, जिसने कंपनी के सर्वर से उक्त परीक्षा का डेटा निकालकर कंपनी में पूर्व में कार्य कर चुके अपने एक अन्य साथी को दिया। जिसने उक्त डाटा के माध्यम से परीक्षा का पेपर निकालकर अपने अन्य साथीगणों तक पहुंचाया। 
क्राइम ब्रांच टीम द्वारा उक्त प्रकरण की विवेचना में अभी तक 26 मोबाइल, 5 लैपटॉप, एक कम्प्यूटर, दो प्रिंटर, 5 पेन ड्राइव, एक ओरा कार, एक फॉरचूनर कार जप्त की गई है। उक्त मशरूका की कुल कीमती लगभग 65 लाख रुपये है।