कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता सियाया ने चार चीतों को जन्म दिया

Mar 29 2023

ग्वालियर। ममध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों का परिवार बढ़ गया है। नामीबिया के एक मादा चीते सियाया ने चार शावकों को जन्म दिया है। इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने ट्वीट कर के दी है। उन्होंने ट्विटर पर चारों शावकों का एक वीडियो भी शेयर किया है। तीन दिन पहले ही साशा चीते की लीवर की बीमारी की वजह से मौत हो गई थी।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि हमें बहुत ही प्रसन्नता हो रही है कि 17 सितंबर को भारत लाए गए चीतों में से एक ने चार शावकों को जन्म दिया है। चीता प्रोजेक्ट में शामिल हर व्यक्ति को बधाई। पिछले साल कूनो राष्ट्रीय उद्यान में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को लाया गया था।
कूनो नेशनल पार्क में चीतों की लाने की कवायद काफी लंबे समय से चल रही थी। मकसद था कि कूनो में चीतों की आबादी को बढ़ाना। इस वजह से दक्षिण अफ्रीका से एक करार हुआ था। इसको लेकर उनका एक प्रतिनिधिमंडल ने एमपी के वनक्षेत्र का दौरा भी किया था। रणथंभौर जाने के बाद टीम ने पाया कि काफी संख्या में बाघ रह रहे हैं।
साउथ अफ्रीका की टीम ने ये पाया था कि भारत में चीतों के लिए अनुकूल माहौल है। क्योंकि यहां पर अन्य मांसाहारी जानवरों का उचित देखभाल हो रहा है। इसके कुनो नेशनल पार्क में नामीबिया से चीते मंगाए गए। जिस समय चीतों को पार्क में छोड़ा जा रहा था, उस दौरान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौके पर मौजूद थे। 
वहीं, एमपी के जंगलों में चीतों के कुनबे को बढ़ाने को लेकर शिवराज सरकार लगातार प्रयासरत है। इसके लिए उन्होंने 400 से अधिक चीता मित्रों की नियुक्ति की है। चीता मित्र चीतों के रहन-सहन को लेकर जागरूक करने का काम करते हैं।
आगामी दिनों में मिल सकती है और खुशी
मादा चीता सियाया, सबाना और साशा एक ही साथ बाड़े में थी। 22 मार्च को साशा का स्वास्थ्य खराब होने पर उसे क्वारंटाइन बाड़े में लाया गया था। तभी से सियाया व सबाना का व्यवहार असमान्य नजर आ रहा था। अफवाहों में दोनों को भी बीमार बताया जा रहा था। लेकिन जिस तरह से सियाया मां बनी है और चार बच्चों को जन्म दिया है। ऐसे में आगामी दिनों में सबाना से भी खुशखबरी मिल सकती है।