समर्पण और त्याग की प्रतिमूर्ति थे निषादराज-राठौड़

Mar 26 2023

ग्वालियर। जब गुहराज निषाद ने समझा कि भगवान श्रीराम अयोध्या से निष्कासित कर दिए गये हैं, तो उन्होंने अपना सारा राजपाट प्रभु के चरणों में अर्पित कर दिया। वे समर्पण और त्याग की प्रतिमूर्ति थे। यह बात भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य आशीष प्रताप सिंह राठौड़ ने माझी जनजाति संघर्ष समिति द्वारा किलागेट चौराहा पर आयोजित निषादराज जयंती सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष केशव माझी ने की। विशेष अतिथि प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशोक शर्मा, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष मनमोहन पाठक व भाजयुमो नेता रिपुदमन सिंह तोमर थे। आयोजन की शुरुआत भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता व गुहराज निषादराज के पूजन के साथ की गई। इसके बाद मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया गया। 
मुख्य अतिथि राठौड़ ने कहा कि गुहराज ने राम, सीता और लक्ष्मण का अतिथि सत्कार करके अपने पूरे समाज को गौरवान्वित कर दिया। अध्यक्षता कर रहे केशव माझी ने कहा कि अधिकांशत: लोग अपने व्यवसाय के प्रति कोई यारी दोस्ती नहीं निभाते, परंतु गुहराज ने मित्रता के आगे व्यवसाय, राजपाट सब कुछ त्याग दिया। इस दौरान 51 समाजसेवियों को शॉल एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन जगदीश बाथम ने तथा आभार मनोज बाथम ने व्यक्त किया। इस अवसर पर ओमप्रकाश नामदेव, बाबूलाल बाथम, रामजीलाल महेते, रमेश बाथम, दीनानाथ कुशवाह, त्रिलोक शर्मा, केसरिया बाथम, इंदर सिंह, अर्चना माझी आदि मौजूद रहे।