जेएएच अस्पताल में बुजुर्ग ससुर को चादर पर बैठाकर घसीटकर ले जाने पर मजबूर हुई बहू

Mar 25 2023

ग्वालियर। चंबल के सबसे बड़े सरकारी जेएएच समूह(हजार बिस्तर का अस्पताल) से खराब तस्वीर सामने आई है। स्ट्रेचर नहीं मिलने पर एक बहू को अपने बीमार ससुर को चादर पर बैठाकर खींचते हुए ले जाना पड़ा। इसका वीडियो भी सामने आया है। पसीने से तरबतर बहू चादर का एक छोर पकडक़र ससुर को हॉस्पिटल कैम्पस से जांच के लिए दूसरी मंजिल पर ले जाती नजर आ रही है।
जेएएच सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। 397 करोड़ की लागत से बना है। 1 हजार बिस्तर का अस्पताल है। दावा था कि इस हॉस्पिटल के पूरी तरह शुरू होने पर ग्वालियर और आसपास के शहरों के मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। लेकिन, आज हाल यह है कि अस्पताल में मरीजों के लिए स्ट्रेचर तक नहीं है।
महिला भिंड की रहने वाली है। ससुर श्रीकिशन ओझा को साइकिल से गिरने पर पैर में चोट आई है। उनकी हड्डी टूट गई। एक डॉक्टर ने प्लास्टर चढ़ा दिया। महिला ससुर को जेएएच के आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट में दिखाने पहुंची थी। डॉक्टर ने जयारोग्य अस्पताल के ट्रामा में भर्ती कराने के लिए कहा। जब महिला ने ससुर को ओपीडी से बाहर तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर की तलाश की, तो स्ट्रेचर नहीं मिला। एक-दो स्ट्रेचर थे भी, लेकिन इनमें पहिए नहीं थे। ऐसे में महिला ने साथ में लेकर आई चादर को जमीन पर फैला दिया और उस पर अपने ससुर को बैठाकर खुद उस चादर को खींचकर सी-ब्लॉक के बाहर तक लेकर आई। यहां पर किराए से ऑटो कर वह ससुर को जेएएच के ट्रामा लेकर पहुंची।
यह पूरा नजारा वहां पर मौजूद डॉक्टर, गार्ड सभी ने देखा, लेकिन कोई उसे एक स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं करा सका। हजार बिस्तर के अस्पताल में स्ट्रेचर की उपलब्धता नहीं थी। यह हालात केवल हजार बिस्तर के नहीं है। जेएएच में स्ट्रेचर उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें पहिए नहीं हैं। मरीज को लिटाकर डंगाडोली कर ले जाना पड़ता है।
यूपी से आए पवन कुमार (25) को सिर में चोट लगने के कारण न्यूरोलोजी विभाग में भर्ती किया गया था। उन्हें कैजुअल्टी से न्यूरोलाजी विभाग तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर की तलाश की, तो बड़ी मशक्कत के बाद एक स्ट्रेचर मिला। स्ट्रेचर के चार पहियों में से एक गायब था, दूसरा टूटा हुआ था। पवन के साथ उसके पिता, दो भाई और जीजा था। इसलिए इन सभी ने पवन को स्ट्रेचर पर लिटाया और स्ट्रेचर को डंगाडोली कर न्यूरोलाजी विभाग तक पहुंचाया।
जयारोग्य अस्पताल में एक भवन से दूसरे भवन तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस और ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है। इसके लिए संयुक्त संचालक द्वारा आदेश भी जारी किया गया। इसमें साफ निर्देश दिए गए कि मरीज को जांच आदि के लिए यदि एक भवन से दूसरे भवन तक जाना है, तो मोबाइल नंबर 9479875735 पर संपर्क करें। इससे निशुल्क वाहन की उपलब्धता कराई जाएगी। लेकिन, अस्पताल में कहीं पर भी वाहन की उपलब्धता कराने वाले जिम्मेदारों का नंबर नहीं लिखा गया। इसलिए लोग बाहर से ऑटो मंगाकर एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग तक जाने पर विवश हैं।
जेएएच मैनेजमेंट का कहन है कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में स्ट्रेचर हैं। कुछ स्ट्रेचर के पहिए टूटे हैं, उन्हें रिपेयरिंग के लिए भेजा गया है। महिला जब अपने ससुर को लेकर पहुंची होगी, तो उस समय स्ट्रेचर नहीं मिल पाया होगा, लेकिन ऐसा नहीं है कि वहां स्ट्रेचर नहीं थे। पांच से दस मिनट इंतजार करते, तो स्ट्रेचर उपलब्ध हो जाते।