आपके द्वारा की गई छोटी सी त्ऱुटि अभियोजन के समय लाभ पहुंचाती है- डी.के. शर्मा

Mar 22 2023

एनडीपीएस एक्ट के अपराधों में गुणात्मक अनुसंधान पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित 
ग्वालियर। ट्रिपल आईटीएम कॉलेज के ऑडिटोरियम में बुधवार को ग्वालियर जोन के पुलिस अधिकारियों के लिये एनडीपीएस एक्ट के अपराधों में गुणात्मक अनुसंधान विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अथिति न्यायमूर्ति दीपकअग्रवाल मप्र उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।
आपके द्वारा की गई विवेचना और कार्रवाई से ही अपराध पर लगाम लगाई जा सकती है। आपकी छोटी सी चूक ही अपराधी के आजाद होने की वजह बनती है, इसलिए अपनी विवेचना में कोई कमी ना छोड़े, जिससे इन्हें मौका मिले। नए एक्ट से आप नशे के कारोबार पर लगाम लगा सकते हैं। यह बात एनडीपीएस एक्ट के अपराधों में गुणात्मक अनुसंधान पर ट्रिपल आईटीएम कॉलेज में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में एडीजी डी श्रीनिवास ने पुलिस अफसरों से कही। 
इस अवसर पर न्यायमूर्ति दीपक अग्रवाल, सेवानिवृत न्यायमूर्ति एनके मुदगल, एसएसपी अमित सांघी, एसपी अजाक पंकज पाण्डेय, वरिष्ठ वैज्ञानिक एफएसएल डॉक्टर ज्ञानेन्द्र पाण्डेय एवं दयाशंकर सिंह अधीक्षक केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि एनडीपीएस एक्ट में आए नए प्रावधान से नशे के कारोबार पर अंकुश लगाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए आपको विवेचना में किसी प्रकार की कमी नहीं छोडऩी है, क्योंकि आपकी एक कमी का लाभ अपराधी को मिलता है और अपराधी को लाभ ना मिले इसके लिए आपको सावधानी से अपनी विवेचना को पूर्ण करना है। आने वाली पीढ़ी होती है प्रभावित
इस अवसर पर एसएसपी अमित सांघी ने बताया कि नशा एक बीमारी की तरह है, इससे आने वाली पूरी पीढ़ी प्रभावित होती है, साथ ही नशे के कारण ही अपराध बढ़ रहा है। नशे पर लगाम लगाते ही आप कई अपराध को होने से पहले ही रोक देते हैं। इसलिए जब भी कार्रवाई करें, नमूना लेने से पंचनामा बनाने तक किसी प्रकार की चूक ना होने पाए, जिससे अपराधी को बाहर आने का मौका मिले। क्योंकि चोरी हुई तो एक व्यक्ति प्रभावित होता है, लेकिन नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति से एक परिवार और समाज दोनों प्रभावित होते हैं।
कार्यशाला में पुलिस अफसरों को न्यायमूर्ति दीपक अग्रवाल और सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एनके मुदगल ने बताया कि आपकी छोटी चूक से अपराधी को लाभ मिलता है, इसलिए जब भी आप एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई कर रहे हैं अपना पूरा ध्यान कार्रवाई में रखें, सैम्पलिंग करते समय और पंचनामा में मेल नहीं होने पर भी अपराधी को लाभ मिलता है, इसलिए कार्रवाई से पहले अपनी पूरी तैयारी करें और फिर कार्रवाई में चूक नहीं होगी और ना ही अपराधी को बचने का मौका मिलेगा। 
कार्यशाला में डी.के. शर्मा अपर लोक अभियोजन ग्वालियर द्वारा एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में विवेचना के दौरान विवेचकों द्वारा आमतौर पर की जाने वाली त्रुटियों के संबंध में जानकारी दी। और कहा कि आपके द्वारा की गई छोटी सी त्ऱुटि अभियोजन के समय लाभ पहुंचाती है। इसलिय ेविवेचक को एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में जारी प्रक्रिया के अनुसार की पंचनामा, प्रोफार्मा, जप्ती आदि तैयार करें साथ ही केस डायरी लेख करते समय इस बात का विषेष ध्यान रखें की लेखन त्रुटी न हो क्योकि इसका लाभ भी आरोपी पक्ष को मिलता है। न्यायालय में अभियोजन के दौरान साक्ष्य देते समय केस डायरी के सभी तथ्यों को ध्यान मे रखकर अपने कथन दें, इस हेतु आवश्यकता होने पर अभियोजन शाखा से मदद भी प्राप्त कर सकत ेहै।
कार्यशाला में एएसपी मोती उर रहमान, ऋषिकेश मीणा, राजेश दण्डोतिया, गजेन्द्र सिंह वर्धमान सहित समस्त नगर पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारीगण व पुलिस के अधिकारीगण उपस्थित रहे।