एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने डीएचओ को ज्ञापन सौंपा, 21 मार्च से हड़ताल पर

Mar 19 2023

ग्वालियर। एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा शासन प्रशासन द्वारा वादा खिलाफी किए जाने के विरोध में आज सोमवार 20 मार्च को प्रदेश कार्यकारिणी एवं 52 जिले के जिला अध्यक्ष भोपाल में मिशन संचालक से चर्चा करेंगे, चर्चा के दौरान निराकरण नहीं निकलता है, तो 21 मार्च से ग्वालियर सहित प्रदेश के 32 हजार कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। 
एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने प्रमुख मांगों को लेकर डॉक्टर आर के राजौरिया (डी.एचओ 1) को ज्ञापन सौंपा। वहीं 21 मार्च से हड़ताल पर जाने की सूचना दी गई।
एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को विभाग में रिक्त पदों पर समायोजन किया जाए अन्य कर्मचारियों को 5 जून 2018 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पारित की गई नीति रेगुलर कर्मचारियों के समकक्ष 90 प्रतिशत वेतनमान तत्काल लागू किया जाए एवं सीएचओ कैडर को एमएलएचपी कैडर के तहत नियमित किया जाए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से हटाकर आउटसोर्स ठेका प्रथा में किए गए सपोर्ट स्टाफ कर्मचारियों को तत्काल पुन: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में मर्ज किया जाए अथवा विभाग में रिक्त पदों पर समायोजन किया जाए एवं निष्कासित कर्मचारियों को शत प्रतिशत सेवा में वापस लिया जाए। उक्त प्रमुख मांगों को लेकर पूर्व में 15 दिसंबर 22से 3 जनवरी 23 तक अनिश्चित कालीन हड़ताल की गई थी।
3 जनवरी को हड़ताल के दौरान  स्वास्थ्य मंत्री, अपर मुख्य सचिव  मिशन संचालक द्वारा इन मांगों को एक माह के भीतर पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन 2 माह 9 दिन का समय होने के बावजूद भी कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया गया है। जिससे प्रदेश के 32 हजार कर्मचारी अपने आप को छला हुआ सा महसूस कर रहे हैं। 
एक बार फिर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ शासन प्रशासन द्वारा वादा खिलाफी की गई जिससे प्रदेश के 32 हजार कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। जिसको लेकर 20 मार्च को भोपाल एनएचएम कार्यालय में एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यकारिणी एवं जिला अध्यक्ष एवं सक्रिय कर्मचारी एकत्रित होंगे। एवं मिशन संचालक से चर्चा करेंग।े चर्चा के दौरान सकारात्मक निर्णय नहीं निकलता है। तो 21 मार्च 23 से ग्वालियर के 778 सहित प्रदेश के 32 हजार एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस बीच में जो भी आम जनता को असुविधा होगी उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
डॉक्टर आर के राजौरिया को ज्ञापन सौपते समय कोमल सिंह, मेघ सिंह बघेल, सतीश कन्नौजी, इमरान खान, राहुल सिकरवार, अर्चना कुशवाह एवं जिले के कई अन्य कर्मचारी मौजूद थे।