अवैध हथियारों के साथ दो बदमाशों को पकड़ा 11 कट्टे और 8 कारतूस बरामद

Mar 14 2023

ग्वालियर। मुरार इलाके में अवैध हथियारों के साथ दो बदमाशों को पकड़ा है। दोनों के पास से 11 देशी कट्टे बरामद हुए हैं। पकड़े गए बदमाशों में एक उत्तर प्रदेश के मैनपुरी का तस्कर है और दूसरा भिंड के गोरमी का एजेंट। पुलिस से बचने के लिए इन लोगों ने ग्वालियर में डील की। ग्वालियर में यह डील होने से पहले ही इन्हें पकड़ लिया गया। पकड़ा गया तस्कर मैनपुरी से पहले भी अवैध हथियार लाकर ग्वालियर में सप्लाय कर चुका है। ग्वालियर में अवैध हथियार का काला कारोबार रुक नहीं रहा है। अब बाहर के सप्लायर और एजेंट यहां डील कर रहे हैं। 
सभी जानते हैं साल 2023 चुनावी साल है। हर बार देखने में आता है कि चुनावों से कुछ महीने पहले अवैध हथियारों की तस्करी ग्वालियर-चंबल अंचल में बढ़ जाती है। इन तस्करों से पुलिस इस एंगल से भी पूछताछ कर रही है कि कहीं इनका इस तरह का कुछ लेना देना तो नहीं है।
एएसपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने बताया कि सूचना मिली थी कि दो तस्कर अवैध हथियारों की डील करने वाले हैं। मुरार थाना क्षेत्र के अंतर्गत लाल टिपारा के पास यह डील होने जा रही है। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच और मुरार थाने की टीम को पड़ताल में लगाया गया। रात में दो टीमें गठित की। एक टीम मुरार और दूसरी टीम मोहनपुर हाइवे के पास लगी हुई थी। लाल टिपारा के पास पुलिस ने चेकिंग पाइंट लगा रखा था। यहां बाइक से एक बदमाश आया। पुलिस को देखकर यह भागने लगा।
इसका पीछा कर पकड़ लिया गया। बाइक की डिक्की की तलाशी ली गई तो उसमें कट्टे मिले। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि मोहनपुर हाइवे के पास भिंड के गोरमी का एजेंट है, जिसे वह कट्टे बेचने के लिए जा रहा था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसे भी पकड़ लिया। पुलिस को इनके पास से 11 कट्टे और 8 कारतूस बरामद हुए हैं। मैनपुरी के तस्कर का नाम सुनील चौहान है, जबकि गोरमी के एजेंट का नाम अजब सिंह है। यह लोग लंबे समय से अवैध हथियार की डील कर रहे हैं।
पूछताछ में पता चला कि सुनील अजब सिंह से फोन पर आर्डर लेता है। 5 हजार रुपये में वह कट्टा बेचता है और 7 से 10 हजार रुपये में अजब सिंह इसे बेचता है। भिंड पुलिस से बचने के लिए ही दूसरे शहर में आकर डील की थी, लेकिन यहां भी पकड़े गए।
यह साल चुनावी साल है। साल 2023 के आखिरी में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी साल में अवैध हथियारों की तस्करी बढ़ जाती है। क्योंकि चुनाव के पास आते ही लाइसेंसी हथियार जमा हो जाते हैं। इसके बाद चुनावों में ग्वालियर-चंबल अंचल में अवैध हथियारों का चलन है। इसलिए पुलिस भी इस एंगल से पूछताछ कर रही है।