निगम को मिले चार करोड़ रुपए के 28 वाहन, महापौर डॉ.शोभा सिकरवार एवं सभापति मनोज तोमर ने वाहनों को पूजकर निगम के बेड़े में शामिल किया

Mar 13 2023

ग्वालियर। नगर निगम को सोमवार को 4 करोड़ की लागत से खरीदे गए कचरा संग्रहण के लिए 28 टिपर वाहन सहित 4 बड़े डंपर, 2 मिनी डंपर तथा 2 थ्रीडीएक्स वाहन मिल गए हैं। महापौर डॉ.शोभा सतीश सिकरवार एवं सभापति मनोज तोमर ने इन वाहनों को निगम के बेड़े में शामिल किया। इस अवसर पर निगमायुक्त किशोर कान्याल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
नगर निगम के बेड़े में शामिल वाहनों में से कई वाहनों के खराब होने के बाद शहर की स्वच्छता के लिए वाहनों की आवश्यकता को देखते हुए इन वाहनों को खरीदा गया है। इन वाहनों में डोर टू डोर कचरा संग्रहण के लिए सर्वाधिक वाहन खरीदे गए हैं। इन वाहनों के शामिल होने के बाद 10 पुराने टिपर वाहनों को हटा दिया जाएगा। ये वाहन खराब हो चुके हैं। शेष वाहनों को उन क्षेत्रों में लगाया जाएगा जहां वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। 
महापौर डॉ.शोभा सिकरवार ने कहा कि सभी का एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि हमारा नगर स्वच्छ और सुंदर बनें। इस काम में कोई ढिलाई नहीं आनी चाहिए। निगमायुक्त किशोर कान्याल ने कहा कि नगर निगम अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करे इसके लिए निगरानी की व्यवस्था शुरु की गई है। नए वाहनों के शामिल होने से सफाई के कार्य को और गति मिलेगी।
वर्कशॉप प्रभारी शैलेन्द्र सक्सेना ने बताया कि निगम को नए वाहनों के मिलने के बाद कचरा संग्रहण में वाहनों की कमी पूरी होगी और इससे स्वच्छता का कार्य और अधिक बेहतर हो सकेगा। 
सीएनजी से पर्यावरण का भी रखा ख्याल
नगर निगम द्वारा खरीदे गए टिपर वाहन सीएनजी आधारित हंै। इन वाहनों को पर्यावरण को नुकसान न हो इसे देखते हुए खरीदा गया है। वहीं नगर निगम की लाल टिपारा गौशाला में लग रहे प्लांट के चालू होने के बाद निगम के वाहनों को यहीं से ईंधन मिल सकेगा।
इंदौर में 1200 और ग्वालियर में सिर्फ 238 वाहन
इंदौर नगर निगम के पास शहर की सफाई व्यवस्था के लिए 1200 वाहन मिले हुए हैं, वहीं ग्वालियर नगर निगम के पास स्वच्छता के लिए नए वाहनों को मिलाकर 238 वाहन ही हैं। वाहनों की आवश्यकता को देखते हुए नगर निगम किराए से वाहन भी ले रहा है।
वहीं दूसरी ओर निगम के पास जो वाहन हैं वे भी पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर रहे हैं, कई वाहन मौके पर नहीं पहुंचते हैं इस कारण शहर की सफाई व्यवस्था ठीक नहीं हो पा रही है। वाहनों की निगरानी शुरु होने के बाद इस बात का खुलासा हो चुका है 88 वाहन डिपो से ही नहीं निकलने का मामला सामने आने के बाद अब इसमें लीपापोती करने के प्रयास शुरु हो गए हैं।