सडक़ों पर निकली मस्तानों की टोली, गलियों में दिखा होली का हुड़दंग

Mar 09 2023

ग्वालियर। होली का त्यौहार उत्सव और उमंग के साथ मनाया गया। हर जगह चौक चौराहों पर युवाओं और मस्तानों की टोलियां नजर आ रही थी। सभी लोग उत्साह के साथ एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर शुभकामना दे रहे थैं। होली के त्यौहार पर युवाओं में काफी उत्साह रहा सुबह से ही जगह-जगह होली की धूम रही थी। विशेषकर बच्चे सडक़ों पर हुड़दंग करते नजर आए हैं।
तीन साल से कोविड के चलते होली का रंग फीका था, लेकिन इस बार कोविड न होने से होली पर फिर वही रंगत लौटी है जो तीन साल पहले हुआ करती थी। बुधवार सुबह से ही शहर की सडक़ों पर होली का जुनून देखते ही बन रहा था। बच्चों की टोलियां गलियों में घूमकर हुड़दंग करती नजर आ रही थी। मोहल्ले में डीजे लगाकर डांस चल रहा था तो ऊपर से रंग-बिरंगे पानी की बौछार से माहौल खुशनुमा हो रहा था। 
जगह-जगह युवाओं की टोलियां बाजार में निकली और रंग गुलाल उड़ाते हुए और नाचते झूमते दिखाई दिए। इस बार सबसे अधिक सूखे रंगों की होली खेली गई ना कि केमिकल युक्त रंग की। सुबह से ही बाजार में कई प्रकार की गुलाल और रंग की दुकानें सजी थी उन दुकानों से आज दिनभर रंग गुलाल की बिक्री हुई और तरह-तरह की एक दूसरे को रंग लगाकर होली का त्यौहार मनाया गया ।
रंग बरसे भीगे चुनर वाली रंग बरसे...
शहर में बुधवार सुबह से ही होली का हुड़दंग शुरू हो गया है। गलियों में डीजे साउंड लगाकर युवा रंग बरसे भीगे चुनर वाली रंग बरसे गाने पर झूमते हुए नजर आए। इसके बाद युवाओं की टोलियां बाजार, गलियों, मोहल्लों में ढोल तासों के साथ घूमी और हुड़दंग करती नजर आई हैं।
सडक़ों पर पुलिस रही मुस्तैद
होली के हुडदंग के बीच कहीं कोई विवाद न हो या हंगामा न हो पुलिस भी चौकस नजर आई है। चौक चौराहों पर पुलिस तैनात थी और हर आने जाने वालों से पूछताछ कर रही थी। विशेषकर नशे में वाहन चलाने वालों पर पुलिस की सख्त नजर थी। जिससे रंग में भंग न डले।
फागुन में बादलों ने सुनाई सावन की मल्हार, ओलेे भी बरसे
फागुन मास में बादलों ने शहरवासियों को सावन की मल्हार सुना दी। होली के दिन यानी बुधवार को दोपहर के बाद अचानक से आसमान में काले घने बादलों ने डेरा जमा लिया। देखते ही देखते शहर को काली घनी घटाओं ने घेर लिया। तेज हवा भी चलने लगी। शहर के कई इलाकों में पानी के साथ आसमाने से ओले भी बरसे।मौसम विभाग की मानें तो मौसम में इस तरह का बदलाव सात मार्च तक रहेगा।
मौैसम में घुली ठंडक, बंद हुए पंखे चलना
इस बार गत वर्ष की तुलना में शीतल दिन कम रहे। गर्मी भी फरवरी में महसूस होने लगे। शहरवासियों ने ठंडक पाने के लिए पंखों का सहारा लेेना शुुरू कर दिया, लेकिन बुधवार को हुए मौसम में बदलाव से मौसम में ठंडक घुल गई। पंखे बंद हो गए। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बारिश फसलों के लिए नुकसान दायक है। सरसों की फसल कटकर खेती में किसानों ने रख दी है। इसके अलावा गेंहूं की फसल में भी बाली आ गई है। गेहूं का दाना खराब हो सकता है।
हास्य कवि सम्मेलन हुआ
एसोसिएशन ऑफ ग्वालियर यूथ सोसाइटी व संरचना समिति के संयुक्त तत्वावधान में होली के पावन पर्व पर होली हंगामा हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन दीनदयाल सिटी मॉल फूलबाग पर आयोजित किया गया। कवि सम्मेलन में कवि सुनील समैया जी भोपाल, बालाघाट से स्वर कोकिला लता किरण शबनम गीत गणगौर व आगरा के भूषण रागी ग्वालियर के साजन ग्वालियर, हेमंत शर्मा, ने कविताओं के जरिये लोगों को हंसाने के साथ संदेश भी दिया।