श्री आदर्श रामलीला में जन्मे राम, स्थल बना अयोध्या धाम

Mar 04 2023

ग्वालियर। झंग बिरादरी द्वारा होली के पावन पर्व पर होने वाले होली महोत्सव पर रामलीला समिति झंग समाज द्वारा रामलीला का मंचन किया जाता है। साथ ही राधा कृष्ण की लीला भी दिखाई जाती है। जिसमें आज  हनुमान नगर जिंसी नाला नंबर 1 रामलीला स्थल पर सर्वप्रथम श्री गणेश  का पूजन गौरी पूजन शिव पूजन एवं नवग्रह महाराज जी का पूजन समिति के अध्यक्ष हरिओम नागपाल व समाज के वरिष्ठजनों द्वारा किया गया। तत्पश्चात स्थल पर रामायण का पाठ प्रारंभ किया गया एवं मनोती पूर्ण करने वाले हनुमान जी के समक्ष मंचन के सफल आयोजन की कामना की।
 मंचन में सर्वप्रथम श्रवण कुमार द्वारा अपने अंधे मां बाप को चारों धाम की यात्रा कराते दिखाया तो वहीं राजा दशरथ द्वारा शिकार करने के निकले जिसमें अनजाने में उन्होंने किसी जानवर की आवाज सुनने पर तीर चलाया  जो मात-पिता भक्त श्रवण कुमार को लगा जो अपने माता-पिता के लिए नदी से पानी लेने आया था। जब श्रवण कुमार के माता-पिता को पता चलता है, तो वह दशरथ को श्राप देते हैं कि जैसे आज हम अपने पुत्र के वियोग में दम तोड़ रहे हैं वैसे तुम भी औलाद के वियोग में दम  तोड़ोगे। तत्पश्चात आगे की लीला में राजा रावण, विभीषण एवं कुंभकरण की घोर तपस्या कर ब्रह्म देवता एवं शंकर भगवान को प्रसन्न करके अपनी इच्छा अनुसार वर मांग लेते हैं। 
जिसमें विभीषण हरीभक्ति मे लीन रहने का तो कुंभकरण ने 6 महीने की नींद 1 दिन जागना तो वही रावण ने तीनो लोक का राज मांगा जो उन्हें मिला। इसी के साथ रावण शक्तिशाली बनकर साधु-संतों पर अत्याचार करने लगा, जिससे परेशान होकर सभी साधु संत देवी देवताओं को लेकर भगवान विष्णु को मिलने क्षीर सागर पहुंचे। यहां विष्णु भगवान लक्ष्मी जी के साथ शेषनाग पर विराजमान थे। सभी देवतागण भगवान विष्णु को रावण के अत्याचारों के बारे में बता कर उनसे मुक्ति दिलाने का आग्रह किया। 
तब विष्णु भगवान ने उनकी प्रार्थना स्वीकार कर उनको दशरथ के घर अपना जन्म लेने के लिए बताया उधर अयोध्या में राजा दशरथ औलाद के वियोग में दुखी रहने लगे तभी उनके गुरु वशिष्ठ ने उन्हें श्रृंगी ऋषि से पुत्रेष्ठि  यज्ञ कराने को कहा, तब राजा दशरथ ने श्रृंगी ऋषि जी को बुलाकर संतान की प्राप्ति के लिए यज्ञ करवाया। तभी अग्नि से यज्ञ देवता प्रसन्न होकर कर प्रगट हुए और राजा दशरथ एवं तीनों रानियों को आशीर्वाद देकर खीर का प्रसाद दीया। जिसे पाकर तीनों रानियों ने पुत्रों को जन्म दिया।
राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन राजा दशरथ अति प्रसन्न हुए और पूरी अयोध्या में श्री राम के जन्म की खुशियां मनाई गई। और मंगल गीत गाए गए। अयोध्या में ले के अवतार आज मेरा राम आ गया एवं भए प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी के साथ आज की लीला का समापन आरती के साथ हुआ। 
आज की लीला मैं मंचन करने वाले कलाकारों में सोमनाथ अनेजा, नरेंद्र सपरा, देवकीनंदन अरोरा, वासुदेव पोपली, कश्मीरी लाल खुराना, जीतू खुराना, मोहनलाल अरोरा, दर्शन लाल मल्होत्रा, शंकी सचदेवा, बलदेव खुराना, ध्रुव खुराना, यश खुराना, विजय टुटेजा, मिर्जोष गुलाटी, राम पुनियानी, मुरली कपूर, प्रेम अरोरा, योगेश कथुरिया, रवि,  हिमांशु  लव खत्री, राजू अरोरा, राजू क्वात्रा आदि पात्र कलाकारों ने भाग लिया। 5 मार्च  को सीता स्वयंवर की लीला का मंचन होगा। यह जानकारी मीडिया प्रभारी राजू पंडित ने दी।