12वीं के हिंदी के पेपर में परीक्षार्थियों को ओएमआर शीट भरने में आई परेशानी

Mar 02 2023

ग्वालियर। एमपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा गुरूवार को हिंदी के पेपर के साथ कड़ी सुरक्षा में शुरु हुई। शहरी एवं ग्रामीण के मिलाकर 91 परीक्षा केद्रों पर शुरू  हुई परीक्षा में नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए जिसके चलते पहली बार परीक्षार्थियों को पेपर हल करने के लिए ओएमआर शीट वाली उत्तरपुस्तिका दी गई, जिसे भरने में परीक्षार्थियों को काफी असुविधा हुई, वहीं समय भी अधिक लगा। परीक्षा कक्ष में मौजूद ड्यूटी दे रहे शिक्षक - शिक्षिकाओं ने उन्हें समझाया परंतु हरेक परीक्षार्थी को अलग-अलग समझाना मुश्किल ही रहा। 
हालांकि परीक्षा से कुछ दिन पहले स्कूलों में बच्चों को बुलाकर इसे भरने की प्रक्रिया समझाई गई थी परंतु फिर भी परीक्षा हॉल में परीक्षार्थी इसे भरने के लिए माथापच्ची करते देखे गए।
इस बार परीक्षा शुरु होने के मात्र 10 मिनट पहले 8.50 बजे उत्तरपुस्तिका दी गई जबकि 5 मिनट पहले 8.55 बजे पेपर दिया गया, परंतु कई परीक्षार्थी 9 बजे के बाद तक ओएमआर शीट ही भरते देखे गए, जिससे उन्हें पेपर पढऩे एवं उसे हल करने के लिए कम समय मिल पाया। परीक्षा सुबह 9 बजे शुरु होकर 12 बजे तक चली। परीक्षार्थियों को सुबह 8.30 बजे परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। 8.45 बजे के बाद किसी को प्रवेश नहीं दिया गया।
परीक्षा में 25754 परीक्षार्थी भाग ले रहे हैं। जिले में 45 सामान्य, 41 संवेदनशील और 6 अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र हैं। 3 बार से एमपी बोर्ड परीक्षाएं कोरोना गाइड लाइन के अनुसार हो रहीं थीं इसके चलते अनेक बच्चे एहतियात के तौर पर इस बार भी मास्क लगाकर परीक्षा देने पहुंचे।
मोबाइल बक्से में बंद कराए, बच्चों की भी सख्त चेकिंग
परीक्षा शुरु होने से आधा घंटे पहले जहां परीक्षा में ड्यूटी देने वाले स्टॉफ के मोबाइल जमा कराकर बक्से में बंद करवा दिए गए वहीं परीक्षार्थियों के जूते मौजे भी उतवा लिए गए। साथ ही फर्नीचर पर परीक्षा होने के कारण राइटिंग पैड, बैग बाहर ही रखवा लिए गए। परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में तलाशी के बाद प्रवेश दिया गया।
संजना फ्रेक्चर के बाद भी परीक्षा देने पहुंची 
परीक्षा के लिए नई सडक़ निवासी संजना पाल का जज्बा देखने लायक था, जो रीढ़ की हड्डी में फ्रेक्चर के बावजूद अपनी मां ममता एवं परिजनों के साथ ऑटो में लेटकर परीक्षा देने पहुंची। संजना को एक साल पहले कोचिंग से लौटते समय स्कूल बस ने टक्कर मार दी थी तब से वो बेड पर ही है। संजना के लिए केंद्राध्यक्ष सुरेश कुमार गुप्ता ने भूतल पर टेबल लगाकर व्यवस्था की, जहां व्हील चेयर पर बैठकर उसने परीक्षा दी।