पुलिस ने मोहना के उमेदगढ़ ददोरी गावं में रुकवाया बाल विवाह

Mar 01 2023

ग्वालियर। एक नाबालिग ने अपने बाल विवाह को रोकने के लिए घाटीगांव पुलिस से पोस्टेट लेटर के जरिए मदद मांगी है। एसडीओपी को लिखे पत्र में उसने लिखा कि मैं, नाबालिग बालिका हूं। अभी 12वीं में पढ़ रही हूं और आगे पढऩा चाहती हूं, लेकिन मेरी शादी नयागांव बामोर निवासी शैलेन्द्र से जबरदस्ती की जा रही है। मैंने विरोध किया तो मुझे एक कमरे में बंधक बना दिया गया है। 8 मार्च को मेरी जबरदस्ती शादी हो रही है। मेरे पिता से सुना है कि उन्होंने 50 हजार रुपए में मेरा सौदा किया है। बंद लिफाफा जब एसडीओपी घाटीगांव संतोष कुमार ने खोला तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पत्र को लिखे ही सात दिन हो चुके थे। उन्होंने बिना देर किए पुलिस बल के साथ उमेदगढ़ में दबिश दी। साथ ही महिला बाल विकास को लेकर नाबालिग को परिजन से मुक्त कराकर उसकी शादी रुकवाई। नाबालिग को फिलहाल वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है।
ग्वालियर के घाटीगांव सर्कल स्थित मोहना थाना के उमेदगढ़ में रहने वाली एक 17 साल की नाबालिग छात्रा ने पुलिस के नाम चिट्ठी लिखी है। छात्रा ने सात दिन पहले एसडीओपी घाटीगांव के नाम से पत्र लिखा था जिसे पोस्ट के जरिए भेजा गया था। पत्र में उसने बताया गया था कि वह नाबालिग है उसके बाद भी उसका बाल विवाह किया जा रहा है। विरोध करने पर उसे उसके ही घर में बंधक बनाया गया है। 8 मार्च को उसकी शादी है। उसने यह भी सुना है कि उसे 50 हजार रुपए में पिता बेच रहा है। यह पत्र मिलते ही एसडीओपी घाटीगांव संतोष कुमार ने तत्काल महिला बाल विकास से पर्यवेक्षक मनीषा यादव को साथ लेकर अपने पुलिस फोर्स के साथ उमेदगढ़ में दबिश दी। सबसे पहले नाबालिग को उसके परिजन के चंगुल से मुक्त कराया। इसके बाद 8 मार्च को होने वाली उसकी शादी रुकवाई गई। इसके बाद भी नाबालिग को घर में रहने पर डर लग रहा था। जिस पर उसे महिला बाल विकास विभाग की निगरानी में वन स्टॉप सेंटर में पहुंचाया गया। जिससे उसकी सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।
लेटर में यह लिखा था
निवेदन है कि मैं एक नाबालिग बालिका हूं। अपनी पढ़ाई और करना चाहती हू। वर्तमान में कक्षा 12वीं में पढ़ रही है। परंतु प्रार्थी का जबरदस्ती विवाह शैलेन्द्र धाकड़ निवासी नयागांव बामोर के साथ 8 मार्च का बामोर जाकर किया जा रहा है। प्रार्थी अभी नाबालिग है और उसने अपने परिवार वालों से विवाह के लिए मना किया तो उसके साथ मारपीट की गई है। कमरे में बंद कर उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मैंने घरवालों को बात करते हुए सुना है कि मेरे घरवालों ने मुझे 50 हजार रुपए में शैलेन्द्र को बेचा है।
एसडीओपी घाटीगांव संतोष पटेल का कहना है कि उनके पास एक पत्र आया था। जिस पर उन्होंने तत्काल एक्शन लेकर बाल विवाह रुकवाया है। साथ ही नाबालिग को महिला बाल विकास की मदद से वन स्टॉप सेंटर में रखवाया गया है।