मंगलवार की रात आरती के साथ मेला का समापन

Feb 28 2023

ग्वालियर। 2022-23 के मेला का समापन मंगलवार को रेडियो रूम से रात 10 बजे आरती के साथ हो जाएगा। अनौपचारिक रूप से 25 दिसम्बर से शुरू हुए मेला का अनौपचारिक शुभारंभ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 7 जनवरी को किया था। इस प्रकार इस बार अनौपचारिक रूप से मेला 66 दिन जबकि औपचारिक रूप से 53 दिन चला। करीब 1500 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार करने के बाद कल सुबह मेला की लाइट काट दी जाएगी। माधवराव सिंधिया व्यापार मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र भदकारिया एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष व प्रवक्ता अनिल पुनियानी के नेतृत्व में मेला व्यापारियों ने प्रदेश के एमएसएमई मंत्री व मेला प्राधिकरण अध्यक्ष ओमप्रकाश सखलेचा के नाम ज्ञापन पत्र ग्वालियर मेला प्राधिकरण के सचिव निरंजन श्रीवास्तव को भेंटकर मेला समापन पर किसी भी तरह का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित न किये जाने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए मांग की कि इस वर्ष के मेले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व्यापारियों, शोरूमों को पुरष्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया ही जाना चाहिए। 
मेले के समापन समारोह में कोई मंत्री नहीं आ रहे हैं, यह सिंधिया परिवार द्वारा स्थापित गौरवशाली मेले की परंपराओं के विरूद्ध है। शासन का रवैया इस सांस्कृतिक धरोहर की हत्या करने जैसा प्रतीत होता है। जबकि पिछली एक शताब्दी से ग्वालियर मेला पूरे देश में ग्वालियर की पहचान के रूप में जाना जाता रहा है लेकिन इतना फीका समापन आज तक देखने को नहीं मिला है। जबकि इस साल मेला में रिकार्ड तोड़ व्यवसाय हुआ है। मेला व्यापारी संघ ने ज्ञापन पत्र में मांग की है कि इस वर्ष के मेला किराए व बिजली बिल में विगत वर्ष की कोरोना काल की अवधि के जमा शुल्क को समायोजित किया जाए। 
ज्ञापन पत्र भेंट करते समय सचिव महेश मुदगल, संयोजक उमेश उप्पल, कल्ली पंडित, सुरेश हिरयानी, अनुजसिंह, हरिकांत समाधिया, मुकेश अग्रवाल, संजय गर्ग, रामस्वरूप लल्ला शिवहरे, अरुण केन, राजेंद्र सिंह भदौरिया, महेंद्र सिंह बैस, सुरेंद्र जुनेजा, राजकुमार जैन, चंदन बैस, अनिल शर्मा, रमेश वर्मा, कमलसिंह, ललित अग्रवाल, संतोष उपाध्याय आदि उपस्थित थे।