कवि हमारे समाज का दर्पण होते हैं-राठौड़

Feb 28 2023

ग्वालियर। कविता केवल अक्षरों और वाक्यों की व्यवस्था नहीं है। कविता शब्दों से अधिक है। अक्षरों से भरे थैले से हम बहुत अच्छा गद्य और लेख लिख सकते हैं। लेकिन जब भी शब्दों से परे कुछ कहना होता है, तो कविता का जन्म होता है। यह बात भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य आशीष प्रताप सिंह राठौड़ ने आरएस शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति द्वारा स्वर्ग सदन में कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी हरेंद्र प्रताप सिंह जादौन ने की। शुरुआत में मां सरस्वती की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। स्वागत भाषण संस्था के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कश्यप ने दिया। इस दौरान कवि अमित चितवन, गंगादीन शाक्य, विजय श्रीवास्तव, नयन किशोर, कमलेश कैप, अमित राही व अजय श्रीवास्तव ने अपनी कविताओं से लोगों को गुदगुदाया। 
मुख्य अतिथि राठौड़ ने कहा कि हमारी प्राचीन संस्कृति और परंपरा में कहा जाता है कि केवल कवि ही संतों और दार्शनिकों के सबसे करीब पहुंच सकते हैं। यह कवि ही है जो लोगों की चेतना में नए रंग भर सकता है। कार्यक्रम में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकरण सिंह भदौरिया के साथ आमंत्रित कवियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संचालन राकेश पचौरी व आभार व्यक्त मुकेश जैन ने किया। इस मौके पर जोसेफ अलग जेंडर, उपदेश चौरसिया, केके श्रीवास्तव, रामप्रकाश जैन, विकास गोस्वामी, पवन सूर्यवंशी, अखिलेश तोमर, बृजेश चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।