श्रेष्ठ कर्म ही मोक्ष प्राप्ति का साधन-घनश्याम शास्त्री

Feb 26 2023

ग्वालियर। बहोड़ापुर गालव नगर गालवेस्वर महादेव मंदिर में चल रही भागवत कथा के सातवे दिन भागवताचार्य प.घनश्याम शास्त्री महाराज ने बताया कि संसार में मनुष्य को सदा अच्छे कर्म करना चाहिए, तभी उसका कल्याण संभव है। माता-पिता के संस्कार ही संतान में जाते हैं। संस्कार ही मनुष्य को महानता की ओर ले जाते हैं। श्रेष्ठ कर्म से ही मोक्ष की प्राप्ति संभव है। अहंकार मनुष्य में ईष्या पैदा कर अंधकार की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि श्लोक कर्मण्ये वाधिकारस्ते मा फलेसु कदा चनि:। मनुष्य को सदा सतकर्म करना चाहिए। कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र की लीला का भावपूर्ण वर्णन किया गया। 
जिसमें भजन अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो कि दर पे सुदामा गरीब आ गया है पर भाव विभोर हो गये उन्होंने कथा के दौरान बताया कि श्रंगी ऋषि के श्राप को पूरा करने के लिए तक्षक नामक सांप भेष बदलकर राजा परिक्षित के पास पहुंचकर उन्हें डस लेते हैं और जहर के प्रभाव से राजा का शरीर जल जाता है और मृत्यु हो जाती है। लेकिन श्रीमद् भागवत कथा सुनने के प्रभाव से राजा परीक्षित को मोक्ष प्राप्त होता है। पिता की मृत्यु को देखकर राजा परीक्षित के पुत्र जन्मेजय क्रोधित होकर सर्प नष्ट हेतु आहुतियां यज्ञ में डलवाना शुरू कर देते हैं जिनके प्रभाव से संसार के सभी सर्प यज्ञ कुंडों में भस्म होना शुरू हो जाता है, तब देवता सहित सभी ऋषि मुनि राजा जन्मेजय को समझाते हैं और उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं। 
आचार्य ने कहा कि कथा के श्रवण प्रवचन करने से जन्मजन्मांतरों के पापों का नाश होता है और विष्णुलोक की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर कथा परिक्षित विनोद भार्गव प्रीति भार्गव, पवन भटनागर विजय लक्ष्मी भटनागर, सौरव तोमर, हरिओम शर्मा निखिल भार्गव ने भागवत महापुराण की आरती की।