मुख्य न्यायाधीश के आश्वासन के बाद अदालतों में काम शुरू
Feb 24 2023
ग्वालियर। प्रत्येक कोर्ट को 25 प्रकरणों को चिन्हित कर निर्धारित अवधि में निपटाए जाने के संबंध में दिए गए आदेश के पालन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों का निराकरण नहीं होने पर स्टेट बार काउंसिल के आह्वान पर शुक्रवार को उच्च न्यायालय सहित भी न्यायालयों में अभिभाषकों ने हड़ताल शुरु होने से पहले ही वापस ले ली गई। प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश ने शुक्रवार को बार काउंसिल के पदाधिकारियों को इस संबंध में चर्चा के लिए बुलाया था इस चर्चा के बाद हड़ताल को वापस ले लिया गया।
उच्च न्यायालय अभिभाषक संघ के सचिव दिलीप अवस्थी ने बताया कि बार काउंसिल के निर्देश के बाद सभी अधिवक्ता काम पर आ गए। उन्होंने कहा कि संघ ने प्रधान जिला न्यायाधीश से भेंट कर कहा कि हड़ताल की पूर्व घोषणा के कारण जो पक्षकार आजशुक्रवार को हाजिर नहीं हो सके हैं उनके प्रकरणों को आगे बढ़ाया जाए जिससे कि उनका कोई नुकसान न हो।
उच्च न्यायालय अभिभाषक संघ के सचिव दिलीप अवस्थी ने बताया कि उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा जिला न्यायालय में प्रत्येक कोर्ट में 25 प्रकरण चिन्हित कर उनका निराकरण निर्धारित अवधि में करने के संबंध में आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस आदेश के कारण कई विसंगतियां उत्पन्न हो रही है। न्यायालयों में चिन्हित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई में लिया जा रहा है। इन मामलों में यदि पक्षकार किसी पारिवारिक कारणों से हाजिर नहीं होता है तो उसका अधिकार भी समाप्त हो सकता है। ऐसे में पक्षकारों को नुकसान होने की आशंका अधिक है। उन्होंने कहा कि 25 प्रकरणों के कारण नए प्रकरणों पर सुनवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि इन कठिनाइयों का निराकरण नहीं होने के कारण अधिवक्ताओं ने चेतावनी के रूप में एक दिन काम नहीं करने का फैसला किया था।
साधारण सभा वर्चुअल हो, 25-25 केसों की सुनवाई पर की जाए चर्चा
ग्वालियर के स्टेट बार काउंसिल के सदस्यों ने स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। जिसमें काउंसिल की वर्चुअल बैठक बुलाने की मांग की गई है। सदस्यों का कहना है कि इस बैठक में हाई कोर्ट के उस फैसले पर चर्चा की जानी चाहिए, जिसमें जिला न्यायालय के प्रत्येक कोर्ट में 25-25 केस चिन्हित किए हैं और उनका तीन महीने में निराकरण करना है। स्टेट बार काउंसिल के सदस्य जेपी मिश्रा, जितेंद्र शर्मा, प्रेम सिंह भदौरिया, राजेश शुक्ला ने पत्र लिखा है कि जिला न्यायालय के प्रत्येक कोर्ट ने 25-25 केस चिह्नित किए हैं। चिह्नित केसों को हर दिन सुना जा रहा है, जिसके चलते सही न्याय नहीं हो पा रहा है। अधिवक्ताओं को हो रही परेशानी से बार को अवगत कराया जा रहा है। वर्चुअल साधारण सभा बुलाने की मांग की है।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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