आदर्श दाम्पत्य चित्रण के प्रतिनिधि महाकवि थे भवभूति- प्रो. मनुलता शर्मा
Jan 30 2023
ग्वालियर। अखिल भारतीय भवभूति समारोह का आयोजन जीवाजी विश्वविद्यालय कालिदास संस्कृत अकादमी और महाकवि भवभूति शोध एवं शिक्षा समिति ग्वालियर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का उद्घाटन सोमवार को जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलाधिसचिव प्रो. डीएन गोस्वामी की अध्यक्षता एवं पूर्व आचार्य संस्कृत काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी की संस्कृत मनीषि प्रो. मनुलता शर्मा के सारस्वत आतिथ्य में किया गया।
अतिथि परिचय संस्कृत अध्ययन मण्ड़ल अध्यक्ष डॉ.मनीष खैमरिया द्वारा दिया गया। स्वागत भाषण अधिष्ठाता छात्र कल्याण जीवाजी विश्वविद्यालय प्रो. एसके द्विवेदी द्वारा दिया गया। कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि प्रो.मनुलता शर्मा ने कहा कि प्रणीत उत्तररामचरितम् में भवभूति ने आदर्श दाम्पत्य स्नेह का वर्णन व श्री राम को प्रजानुरंजक राजा के रूप में चित्रित किया है। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. साहित्य कुमार नाहर ने अपने वक्तव्य में कहा कि संगीत साधना का मूलस्त्रोत संस्कृत साहित्य ही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलाधिसचिव प्रो. डीएन गोस्वामी ने कहा कि संस्कृत की भाषा कंप्यूटर के लिए काफी उपयोगी है।
कार्यक्रम प्रस्तावक के रूप में डॉ.बालकृष्ण शर्मा उपस्थित थे। कार्यक्रम में अन्तर्विश्वविद्यालयीन प्रतियोगिताओं के विजेताओं प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रमाण पत्र वितरित किए गय। कार्यक्रम के अन्तर्गत शोध संगोष्ठी में डॉ.नौनिहास गौतम सागर, लवलेश मिश्र दतिया, डॉ.बालकृष्ण शर्मा, डॉ.मनीष खैमरिया, डॉ.आशा रावत, डॉ.कृष्णा जैन, डॉ.नरोत्तम निर्मल, डॉ.अशोक विश्नोई एवं डॉ. बीएल जबलपुर, श्रीराम गोपाल तिवारी डबरा ने भवभूति के उत्तररामचरितम् पर आधारित अपने शोध प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ.कृष्णा जैन और आभार डॉ.एसके द्विवेदी ने व्यक्त किया।
संपादक
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