मुरैना जिले के पहाडग़ढ़ में मिराज-2000, सुखोई-30 क्रैश-दो पायलट घायल मिले एक पायलट की मौत
Jan 28 2023
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक बड़ा हवाई हादसा हुआ है। यहां भारतीय वायुसेना के दो विमान एक साथ दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। दोनों ही विमान ने ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी थी। यह हादसा मुरैना जिले के पहाडग़ढ़ में हुआ और घटना की खबर मिलते ही आला शीर्ष अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। इन विमानों का मलबा मध्यप्रदेश के मुरैना से लेकर राजस्थान के भरतपुर तक में मिला।
कहा यह जा रहा है कि एक विमान मुरैना के पहाडग़ढ़ में गिरा। तो दूसरा विमान भरतपुर में जाकर कै्रश हुआ। खबरों में कहा गया है कि ग्वालियर से उड़ान भरने के तुरंत बाद यह दोनों विमान आपस में भिड़ गए। इसके बाद विमान के पायलट इजेक्ट होकर विमान से अलग हो गए।
इस हादसे के बारे में मुरैना कलेक्टर अंकित अस्थाना ने कहा कि मुरैना के पहाडग़ढ़ के मानगढ़ के पास यह हादसा हुआ। सुबह साढ़े आठ के आसपास इसकी जानकारी मिली। इसके तुरंत बाद प्रशासनिक अफसरों को घटना स्थल के लिए रवाना किया गया। उन्होंने कहा कि दो पायलट मिले हैं। दोनों ही घायल हालत में है। उन्होंने कहा कि अभी यह नहीं बताया जा सकता कि विमान किस तरह दुर्घटनाग्रस्त हुए। मिराज-2000 में एक और सुखोई-30 में दो पायलट थे। यह आवाज की रफ्तार से उड़ान भरते हैं। तीसरे पायलट तक भी एयरफोर्स की टीम पहुंच गई है।
पहली बार दो प्लेन एक साथ हुए क्रैश
भारतीय वायुसेना के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी एयरबेस से एक साथ उड़ान भरने वाले दो फाइटर प्लेन एक साथ हादसे का शिकार हुए हैं। इन विमानों के ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरने के तुरंत बाद एयरफोर्स स्टेशन से संपर्क टूट गया था और इसके तुरंत बाद एयरफोर्स कंट्रोल रूम एक्शन में आ गया। इन विमानों ने ग्वालियर से सुबह साढ़े आठ बजे उड़ान भरी थी। इस घटना के बाद एयरफोर्स मुख्यालय से लेकर रक्षा मंत्रालय तक एक्शन में आ गया। रक्षामंत्री राजनाथ एयरफोर्स के लगातार संपर्क में हैं।
जहां पर विमान हादसे का शिकार हुए वह मुरैना का काफी दूरस्थ इलाका है। घटना स्थल तक पहुंचने की राह आसान नहीं है। अफसर सडक़ मार्ग से निकले तो एयरफोर्स की टीम ने हेलीकॉप्टर से उड़ान भरी और घटना स्थल पर पहुंच गए। इन टीमों के पहुंचे से पहले ही गांव वाले मौके पर पहुंच गए। इन गांव वालों के हाथों में पानी की बाल्टियां थीं और यह सभी आग के गोले में तब्दील हो चुके विमानों की आग बुझाने में जुटे थे।
जो जानकारी सामने आई उसके मुताबिक ग्वालियर में एयरफोर्स की एक्सरसाइज चल रही है और इस एक्सरसाइज के लिए ही मिराज-2000 और सुखोई-30 ने ग्वालियर से उड़ान भरी थी और कुछ ही देर बाद दोनों विमान हादसे का शिकार हो गए। हालांकि एयरफोर्स ने किसी तरह का बयान जारी नहीं किया था पर जानकारी यह भी सामने आ रही है कि मुरैना के पहाडग़ढ़ के हवाई क्षेत्र में दोनों विमान आपस में भिड़ गए और इसके बाद दोनों आग के गोले में बदल गए।
ग्वालियर है दोनों का एयरबेस
ग्वालियर स्थित महाराजपुरा एयरबेस काफी पुराना है। इसे साल 1985-86 के वक्त तैयार किया था और महाराजपुरा एयरबेस मिराज-2000 के लिए तैयार किया गया था। बाद में जब एयरफोर्स ने सुखोई खरीदे तो यह एयरबेस सुखोई 30 का भी अड्डा बन गया। यह दोनों ही विमान काफी उन्नत श्रेणी के माने जाते हैं और अपनी मारक क्षमता के लिए जाने जाते हैं। पलक झपकते ही यह मार करके गायब होने में महारथ हासिल रखते हैं।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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