जीवात्मा और परमात्मा का मिलन ही महारास है –पं. घनश्याम शास्त्री जी

Jan 15 2023


गरीब दास बाबा मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा सुनने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा के छठे दिन श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुप्रसिद्ध भागवताचार्य प.घनश्याम शास्त्री जी  महाराज ने सुनाया। इस दौरान विवाह उत्सव भी मनाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पंडाल में खड़े होकर फूल बरसाए भागवत कथा के छठे दिन उन्होंने रास पंच अध्याय का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि महारास में पांच अध्याय हैं। उनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण हैं। जो भी ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है, वह भव पार हो जाता है। उन्हें वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती है। कथा में भगवान श्रीकृष्ण का मथुरा प्रस्थान, कंस का वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, कालयवन का वध, उधव-गोपी संवाद, उधव द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाना, द्वारका की स्थापना व रुक्मणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय भावपूर्ण पाठ किया गया। भारी संख्या में भक्तगण दर्शन के लिए शामिल हुए। रविवार को पूरा प्रांगण श्रद्धालुओं से पूर्णरूपेण भरा था और सभी पुष्प वर्षा के साथ खूब झूम और नाच कर रहे थे कथा के दौरान शास्त्री जी  ने कहा कि महारास में भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया इस अवसर पर कथा परीक्षित अनीता शत्रुघ्न मतलनी ने भागवत पुराण की आरती की