मध्यप्रदेश में सुचारू रूप से बिजली पैदा करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित-ऊर्जा मंत्री तोमर ग्वालियर

Jan 15 2023

मध्यप्रदेश में उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से बिजली प्रदाय को सुनिश्चित करने के लिए राज्य की सरकार कृत संकल्पित है। पिछले वर्षो में बिजली की उपलब्धता में वृद्धि के लिए किये गये प्रयासों से अब मध्यप्रदेश बिजली उपलब्धता में सरप्लस स्टेट बन गया है। वहीं बिजली की सप्लाई सुनिश्चित बनाये रखने को दो और १३२ केवीए के सब स्टेशन खोले जायेंगेउक्त जानकारी आज पत्रकारों से साझा करते हुये प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्र सिंह तोमर ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की बिजली उपलब्ध क्षमता २२ हजार ७३० मेगावॉट है। प्रदेश में औद्योगिक, वाणिज्यकसहित सभी गैर कृषि उपभोक्ताओं को लगभग दस घंटे बिजली प्रदाय की जा रही है। वहीं वर्तमान में रबी मौसम में ३० दिसंबर २२ को १७ हजार ६५ मेगावाट की अधिकतम बिजली की मांग की सफलतापूर्वक पूर्ति विभाग द्वारा की गई जो प्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक है।  उन्होंने बताया कि मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा अमरकंटक ताप विद्युत गृह में ४६६६ करोड की लागत से ६६० मेगावाट द्वामता की एक नई इकाई की स्थापना प्रस्तावित हैमंत्री तोमर ने बताया कि विद्युत वितरण कंपनियों के सतत प्रयासों से एवं राज्य शासन के समर्थन से प्रदेश की तकनीकी और वाणिज्यक हानियां जो वर्ष २०१९-२० में ३१.४ हो गई थीं को कम कर अब २० प्रतिशत तक किया गया है। तोमर ने बताया कि स्मार्ट मीटर योजना में वितरण कंपनियों द्वारा प्रथम चरण में २३ लाख स्मार्ट मीटर लगाया जाना प्रस्तावित हैऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश २०२३ में ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर के तहत उपकेन्द्रों एवं लाइनों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। आरपीओ दायित्वों की पूर्ति करते हुये नवकरणीय ऊर्जा की निकासी के लिए ग्रिड स्टेबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए १२ अति उच्च दाब उपकेन्द्रों एवं संबंधित ४६ पारेषण लाइनों का निर्माण निर्धारित समय में पूरा किया गया है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि राज्य शासन द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं को विगत वर्ष में २१३०६ करोड की सब्सिडी प्रदान की गई है। इस वर्ष यह राशि बढकर लगभग २२४७२ करोड होना अपेक्षित है। अटल गृह ज्योति योजना में १०० वाट तक के संयोजित भार के ३० यूनिट तक की मासिक खपत वाली उपभोक्ता श्रेणी एलव्ही १.१ के अनुसूचित जाति जनजाति के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले उपभोक्ताओं को प्रतिमाह २५ रूपये का बिल दिया जा रहा है। अंतर की राशि राज्य शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में वितरण कंपनियों को दी जा रही हैवहीं प्रदेश के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को जिनकी मासिक खपत १५० यूनिट तक है प्रथम १०० यूनिट की खपत के लिए अधिकतम १०० रूपये का बिल दिया जा रहा है एवं अंतर की राशि शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में वितरण कंपनियों को दी जा रही है। वहीं अटल कृषि ज्योति योजना के तहत १० हार्सपावर तक के अनमीटर्ड स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को ७५० रूपये प्रति हार्स पावर प्रतिवर्ष एवं १० हार्स पावर से अधिक के अनमीटर्ड स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को १५०० रूपये प्रति हार्सपावर प्रतिवर्ष की फ्लेट दर से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। वहीं दस हार्स पावर तक के मीटरयुक्त स्थाई कृषि पंप कनेक्शन एवं अस्थाई मीटर्ड एवं अन मीटर्ड कृषि पंप कनेक्शनों को भी मासिक नियत प्रभार एवं उर्जा प्रभार में रियायत दी गई है। इस योजना से २६ लाख कृषि उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैंउर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि जल्द ही १३२ केवीए का सब स्टेशन सिकंदर कंपू, बिलौआ पर स्थापित किया जाएगा इसके लिए १५१ करोड की राशि का प्रावधान किया गया है। वहीं ट्रांसफार्मर के पास फेंसिंग की जाएगी और शेष स्पेश पर प्रचार प्रचार की उपलब्धता होगी इससे लोगों को प्रचार प्रसार का माध्यम मिलेगा और विद्युत विभाग को भी लाभ होगा। उन्होंने बताया कि अब बिजली विभाग बिजली की दरों में कमी का भी प्रयास कर रही हैपत्रकार वार्ता में निदेशक डीपीएस यादव, सीजीएम राजीव गुप्ता, जीएम नितिन मांगलिक, जीएम ओ एंड एम दिनेश सुखीजा , पीआरओ मनोज द्विवेदी आदि मौजूद थे