गोवर्धन की पूजा करने से मिटते हैं कष्ट शास्त्री जी

Jan 14 2023

गरीब दास बाबा मंदिर मामा का बाजार ग्वालियर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन की कथा में  सुप्रसिद्ध भागवताचार्य पं.घनश्याम शास्त्री जी महाराज ने कहा कि जब पृथ्वी पापियों का बोझ सहन नहीं कर पा रही थी, तब सभी देवता ब्रह्मा जी व शिव के साथ क्षीर सागर में भगवान की स्तुति करने लगे। तब भगवान श्री हरि ने प्रसन्न होकर देवताओं को बताया कि मैं वासुदेव व देवकी के घर कृष्ण रूप में जन्म लूंगा और वृंदावन में मां यशोदा व नंदबाबा के घर बाल लीलाएं करूंगा। इसलिए आप सब भी उस समय धरती पर किसी ना किसी रूप में उपस्थित रहना शास्त्री जी ने बताया कि जब भगवान ने पृथ्वी पर श्रीकृष्णा अवतार धारण किया तब सभी देवता और स्वयं ब्रह्मा व शिव जी भी भगवान की लीलाओं के साक्षी बने थे। उन्होंने बताया कि इस तरह जब भी पृथ्वी पर कहीं भी भगवान का जन्मोमोत्सव मनाया जाता है, तो ये सब देवी-देवता भी वहां अवश्य आते है और भगवान के जन्मोत्सव का आनंद लेते है। आगे कथा व्यास ने कहा कि जब भगवान ने कृष्ण जन्म लिया था, तब पृथ्वी पर ना जाने कितने जन्मों से जीव भगवान की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी तरह जब भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है और उस जन्मोत्सव में जो भाग लेते है, वे कोई साधारण जीव नहीं होते वे बहुत पुण्यात्मा होते है अंत में शत्रुघ्न अनीता मतलानी जी ने आरती की और शास्त्री जी से सुखमय व भक्तिपूर्ण जीवन का आशीर्वाद लिया.