स्वामी जी वेदान्त के वियात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे: महापौर सिकरवार

Jan 12 2023

ग्वालियर। महापौर डॉ.शोाा सिकरवार ने कांग्रेस के अनेक पदाधिकारियों के साथ चेतकपुरी चौराहा स्थित स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने स्वामी जी की प्रतिमा पर पुष्पहार पहनाकर उन्हें नमन किया। 
महापौर ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी जी वेदान्त के वियात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दा था। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वेदान्त दर्शन अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानन्द की वक्तृता के कारण ही पहुंचा। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना काम कर रहा है। उन्हें 2 मिनट का समय दिया गया था किन्तु उन्हें प्रमुख रूप से उनके भाषण का आरंभ मेरे अमेरिकी बहनों एवं भाइयों के साथ करने के लिये जाना जाता है। उनके संबोधन के इस प्रथम वाक्य ने सबका दिल जीत लिया था।
रामकृष्ण की मृत्यु के बाद विवेकानन्द ने बड़े पैमाने पर भारतीय उपमहाद्वीप की यात्रा की और ब्रिटिश भारत में तत्कालीन स्थितियों का प्रत्यक्ष ज्ञान प्राप्त किया।