शनिवार को साल का सबसे घना कोहरा

Jan 07 2023

ग्वालियर। बर्फीली हवाओं ने शहर में कोल्ड कफ्र्यू लगा दिया है। तापमान तीन डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने के बाद अब ठंड से रूह भी कांपने लगी है। हाड कंपाने वाली ठंड में हाथ-पैरों को अलाव और हीटर से ही राहत मिल रही है। इस सीजन का आज सबसे घना कोहरा होने से न तो ग्वालियर किला नजर आ रहा था। सुबह निकली धूप पर ठंडी हवाएं हावी होने से धूप में भी कंपकपी छूट रही थी। सर्दी ने पिछले सात साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सर्दी का आलम यह था कि लोग गर्म कपड़ों के साथ ही रजाई-कंबल में ठिठुरते दिखाई दे रहे थे। 
जनवरी के शुरूआत से ही सर्दी ने अपने रंग में आ गई और रोजाना सर्दी अपने कातिलाना अंदाज में लोगों को ठिठुराए जा रही है। कुछ दिन पहले सर्दी ना होने की कहने वाले भी अब सर्दी के सितम की दुहाई दे रहे है। शनिवार की दोपहर ठिठुर रहे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिली और कमरों के अंदर रजाई कंबल में छिपे लोग कंपकंपाते रहे। सर्दी से कांप रहे लोग सुबह से ही सूर्य देव का इंतजार करते नजर आए, जिससे हाड़ कंपा रही सर्दी से राहत मिले।
शनिवार सुबह तो कुछ दूरी पर ही कुछ नजर नहीं आ रहा था। कोहरे के कारण वाहन चालकों को अपने वाहन की लाइट जलाकर ही आना-जाना पड़ रहा था, कोहरे के कारण आज वाहनों की गति में भी काफी कमी देखी गई। 
ठंड के साथ दस से पन्द्रह किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवा के चलते शनिवार सातवें दिन भी शहर में कोल्ड-डे की मार शहरवासी झेलने को विवश दिखे। रात में हर घंटे गिरते न्यूनतम पारे के साथ ही रात ग्यारह बजे से रात ढ़ाई बजे तक घना कोहरा होने के कारण दृश्यता महज 25 मीटर ही रही। सुबह घने कोहरे के बदलकर साढ़े पांच बजे 25 मीटर पर पहंचते ही वाहन सडक़ों पर रेंगते नजर आए। हालंाकि राहत की बात यह रही कि दिन चढऩे के साथ कोहरा छंटते ही निकली गुनगुनी धूप लो
गत रात में कोहरा छाए रहने के कारण न्यूनतम पारा 4.2 डिग्री से गिरकर इस सर्द मौसम में सबसे कम 2.6 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से लगभग साढ़े चार डिग्री कम दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम पारा 15 डिग्री से कम होकर 14.8 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से साढ़े सात डिग्री कम होने से आज भी अति कोल्ड-डे की स्थिति अंचल में बनी होने के कारण लोग दिन में भी सर्दी से ठिठुराते नजर आए। कोहरे के चलते इस नए साल में ट्रेनों की चाल शनिवार सातवें दिन भी बेपटरी ही रही। दिल्ली व झांसी से ग्वालियर आने वाली दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से एक से चार घंटे की देरी से पहुंचने से इन ट्रेनो से सफर करने वाले मुसाफिरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।