भागवताचार्य कथा ही नहीं, बल्कि समाज निर्माण कर रहे-पं.घनश्याम शास्त्री

Jan 07 2023

ग्वालियर। पारदी मोहल्ला शिंदे की छावनी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में भागवताचार्य पं.घनश्याम शास्त्री ने कहा कि भागवताचार्य कथा ही नहीं बल्कि समाज निर्माण कर रहे हैं गीता संपूर्ण भारत को दिव्य संदेश दे रही हैं संसार में हमेशा उदय होते हुए सूर्य को नमन किया जाता है। अस्त होते हुए सूर्य को कोई नमन नहीं करता है। जबकि मनुष्य को हमेशा उदय और अस्त होते हुए सूर्य को कृतज्ञता के साथ नमन करना चाहिए। हर व्यक्ति के जीवन में उदय और अस्त की स्थिति आती है। जिस प्रकार महापर्व छठ में अस्त होते हुए सूर्य के साथ अगले दिन उदय होते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
 श्रीमद्भागवत पुराण सूर्य है जिसका उदय हुआ है उन्होंने कहा कि संसार का दूसरा नाम ही समस्या है। इससे निजात के लिए नगर, गांव और तीर्थ में होने वाली कथाएं आयोजित की जाती हैं। ध्यान, जप, तप, पूजा और सत्संग मन को भगवान के स्मरण में लगाते हैं। शांति के लिए कर्म नहीं बल्कि कर्ता को बदलना होगा। मानव को जीवन में क्या करना चाहिए यह रामायण सीखाती है और क्या नहीं करना चाहिए यह महाभारत शास्त्री जी ने युवाओं को इंटरनेट मीडिया से दूर रखकर पुस्तक के ज्ञान में रूचि रखने का संदेश दिया गीता के जरिए संपूर्ण भारत में दिव्य संदेश जा रहा है। गीता साधन और साध्य का ज्ञान तथा कर्म करने की सीख देती है वर्तमान में लोग आपसी संबंधों को भूल रहे हैं। धर्म ग्रंथ समाज को जोडऩा सिखता है आगे आचार्य जी ने कहा कि गरीब अनाथ कन्याओं का विवाह कराना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है जिस कार्य को बालाजी दरबार के महंत पप्पी महाराज नरेंद्र मिश्रा कर रहे हैं। और सभी दरबार से जुड़े व्यक्ति सहयोग कर रहे हैं गरीब के विवाह में दिया गया दान कभी व्यर्थ नहीं जाता है किसी न किसी रूप में भगवान हमको वापस कर देता है डॉक्टर वकीलों के यहां देने से अच्छा है किसी गरीब कन्या के विवाह में दीजिए जो सबसे ज्यादा पुण्य का कार्य है इस अवसर पर संत रिशवानंद जी महाराज गौ साला लाल टिपारा पूर्व महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता,अमित गुप्ता जेल डारकेटर दीपू पटसारिया बृजकिशोर राठौर ने भागवत पुराण कथा की आरती की।