गणिनी आर्यिकाश्री सानिध्य में भाक्ति भाव के साथ किया महामस्तकभिषेक
Jan 01 2023
ग्वालियर। गणिनी आर्यिकाश्री आर्ष मति माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में उपनगर लोहामंडी स्थित श्री दिगंबर लाला गोकुलचंद जैसवाल जैन मंदिर कमेटी के तत्वाधान में नूतन वर्षभिनंदन का स्वागत एवं पुराने साल की विदाई के अवसर पर दो दिवासिय धार्मिक कार्यक्रम 31 दिसंबर और 1 जनवरी पर कार्यक्रम हुए। जिसमे 1 जनवरी को सुबह भगवान जिनेंद्र का महामस्तकाभिषेक एवं शाम 48 परिवार के द्वारा भक्तामर महाकुंभ दीप अर्चना कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्श कलम ने बताया कि नववर्ष के अवसर पर गणिनी आर्यिकाश्री आर्षमति माताजी ससंघ के सानिध्य एवं ब्रह्मचारी भैया अंशु भैया के मार्गदर्शन में दिगंबर लाला गोकुलचंद जैन मंदिर के मूलनायक जैन धर्म के 23 वें तीर्थकार भगवान पार्श्वनाथ का प्रथम कलशों से अभिषेक नीलेश कुमार मनीष कुमार जैन ने किया। वही 24 तीर्थकरों का इन्द्रों नें सिर पर मुकुट लगाकर व पीले वस्त्र धारण कर संगीतकार सुनील जैन के भजनों के साथ भक्तिभाव के साथ कलशों से महामस्तकभिषेक किया। जैसे ही तीर्थंकर भगवान का महामस्तकभिषेक हुआ तो पूरे मंदिर मे कॉफी संख्या में उपस्थित जैन समाज के लोगो जयकारों के साथ सभागार गॅूज उठा। गणिनी आर्यिकाश्री आर्षमति माताजी ने आपने मुखबिंद से मंत्रो के उच्चरण के साथ शांतिधारा विशभर दयाल महेश जैन, सतीश जैन एवं दिनेश अशोक कुमार जैन ने की।
गणिनी आर्यिकाश्री ने भक्तामर समवशरण में 48 परिवार के द्वार 48 दीपो से कराई महाअर्चना
नूतन वर्षभिनंदन पर जैन मंदिर में गणिनी आर्यिकाश्री आर्षमति माताजी के सानिध्य ब्रह्मचारी अंकुर भैया एवं प्रतिष्ठाचार्य शशि कांत शास्त्री के मार्गदर्शन में 48 परिवार द्वार 48 भक्तामर मढने पर 48 दीपो से आरधान की गई। कार्यक्रम शुभारंभ भगवान पार्श्वनाथ के चित्र का आवरण डॉ विनोद जैन एवं दीप प्रज्वलित पारस जैन अध्यक्ष सकल जैन महापंचायत ग्वालियर ने किया। वही भक्तामर स्त्रोत की महिमा का वचन गणिनी आर्यिकाश्री आर्षमति माताजी ने भक्तामर के एक-एक काव्य रिद्धि-सिद्धि मंत्रों के उच्चारण के साथ संगीतमय मुख्य भक्तामर मढने पर राजेश पदमचंद जैन परिवार, दूसरे मढने विशभर दयाल जैन रोहित जैन, एवं तीसरे मढने पर महेशचंद्र लकी कुमार जैन परिवार सहित 48 परिवारों ने भक्तामर मढने पर 48 दीपक को प्रज्वलित कर समवशरण में विराजित भगवान आदिनाथ गणधर की आराधना के साथ समर्पित किये। कार्यक्रम में संगीतकर सुनील जैन ने भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को हुई आनंद की अनुभूति हुई। कार्यक्रम के अंत में जैन समाज के द्वारा दीपक से महाआरती की गई।
भगवान की आराधना दिलाती है दुखों से मुक्ति:-गणिनी आर्यिकाश्री
गणिनी आर्यिकाश्री आर्षमति माताजी ने लाला गोकुलचंद जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान और धर्म की आराधना करने वालों के जीवन में दुख भी आता है तो वह बिना कष्ट दिए चला जाता है। जहां साधु-साध्वी का सानिध्य मिलता है, वहां पर आराधना और विशेष हो जाती है। मनुष्य जैसी आराधना करेगा उसे वैसा ही फल प्राप्त होता होगा। आराधना और साधना करने से मनुष्य को मोक्ष प्राप्त होता है। मोक्ष का अर्थ है दुखों से मुक्ति मिलना है।मनुष्य का मन जब गलत कार्यों में लगता है तो वह अशुभ कार्य करना प्रारंभ कर देता है। इन अशुभ कार्यो का परिणाम भी अशुभ होता है। इसी प्रकार मनुष्य की सोच अगर सार्थक है तो वह बेहतर कार्य करेगा। साथ ही उसके जीवन में भी बेहतर परिणाम आएंगे।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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