लोकायुक्त पुलिस ने टीसी व उसके सहायक को दो हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा

Dec 30 2022

ग्वालियर। रिटायर्ड डीएसपी से मकान नामांतरण के लिए रिश्वत मांगना नगर निगम के टीसी (टैक्स कलेक्टर) और उसक सहायक को महंगा पड़ गया। शुक्रवार दोपहर रिटायर्ड डीएसपी ने रिश्वत के दो हजार टैक्स कलेक्टर को दिए और जैसे ही रिश्वत उसने जेब में रखी लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। पुलिस ने उसके सहायक को भी हिरासत में लिया है।
रिश्वत के रुपए निगरानी में लेकर मौके पर ही केमिकल लगाकर आरोपी टीसी के हाथ रंगाए गए। घटना लूटपुरा में नगर निगम के क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक-3 की है। करीब 3 महीने से आरोपी पीडि़त को परेशान कर रहे थे। जिसके बाद पीडि़त ने लोकायुक्त एसपी से संपर्क कर शिकायत की।
शहर के भिंड रोड दीनदयाल नगर निवासी 71 वर्षीय भगवान दास पंत पुत्र स्व. हीरालाल पंत पुलिस विभाग से रिटायर्ड डीएसपी हैं। कुछ समय तक वह लोकायुक्त में भी पदस्थ रहे हैं। रिटायर्ड डीएसपी पंत ने अभी हाल ही में सागरताल रोड पर एक मकान लिया है। जिसका नामातंरण उन्हें कराना था। इसके लिए नगर निगम में उन्होंने आवेदन किया था। वहां उन्होंने अपनी पहचान बताई तो अफसरों ने मौखिक निवेदन पर ही नामांतरण कर फाइल के आगे बढ़ा दिया। नगर निगम हैड ऑफिस से यह फाइल अब संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक-3 लूटपुरा ग्वालियर जाना थी। 
जब फरियादी क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे तो यहां टीसी गोपाल सक्सेना और उसका सहायक रोहित कुमार ने भगवानदास पंत से रिश्वत मांगी। वह हैड ऑफिस से फाइल उठाकर प्रॉपर्टी को उनके नाम पर चढ़ाने के बदले 3 हजार रुपए मांग रहे थे। सितंबर 2022 से फाइल को अटकाए हुए थे। लगातार परेशान होने के बाद भगवान दास ने मामले की शिकायत एसपी लोकायुक्त से की थी।
नगर निगम का टीसी और उसके सहायक ने मकान के नामांरण के लिए भगवान दास पंत से 3 हजार रुपए मांगे थे। एक हजार रुपए वह पहले ले चुका था। आज शुक्रवार को फरियादी 2 हजार रुपए लेकर पहुंचा था, लेकिन इस बार लोकायुक्त की टीम पहले से ही नगर निगम के क्षेत्रीय कार्यालय में मौजूद थी। उसने जैसे ही टीसी को 2 हजार रुपए दिए और टीसी ने रिश्वत के रुपए अपनी शर्ट की जेब में रखे तभी लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी टीसी गोपाल सक्सेना के साथ सहायक रोहित कुमार भी पकड़ा गया है।
रिश्वत लेते रंगे हाथ टीसी के पकड़े जाने के बाद लोकायुक्त पुलिस न आरोपी के हाथ और शर्ट की जेब पर केमिकल लगाया। केमिकल लगाते ही आरोपी के हाथ गुलाबी रंग निकला और चेहरा शर्म से लाल हो गया।
फरियादी रिटायर्ड डीएसपी भगवान दास पंत का कहना है कि वह पुलिस विभाग से रिटायर्ड हैं। वह पुलिस के अलावा लोकायुक्त में भी रहे हैं। जब उन्होंने टैक्स कलेक्टर को अपने बारे में बताया तो भी वह नहीं माना। उसको तो बस रिश्वत चाहिए थी। मैं क्या करता परेशान हो गया था। तभी मैंने मन ही मन भ्रष्ट टीसी को सबक सिखाने का संकल्प लिया और लोकायुक्त कार्यालय पहुंच गया।
लोकायुक्त इंस्पेक्टर भरत किरार ने बताया कि फरियादी ने शिकायत की थी। जिसके बाद मामले को जांच में लिया गया। नगर निगम में टैक्स कलेक्टर को दो हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है।