बेटे की हत्या पर गुस्साए परिजनों ने लगाया जाम हत्यारों के मकान तोड़ो, आरोपी पर सख्त कार्रवाई हो

Dec 29 2022

ग्वालियर। कॉलेज संचालक के बेटे अभय परमार की किडनैपिंग कर हत्या करने वाले मास्टरमाइंड सहित 3 आरोपियों को ग्वालियर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मृतक अभय के परिजनों और क्षत्रिय समाज के लोगों ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कलेक्ट्रट रोड पर गुरुवार को चक्का जाम कर दिया और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनके मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग प्रशासन से मांग की। 3 घंटे से अधिक चले इस चक्का जाम को प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। और  बॉडी के ग्वालियर आने के बाद अंतिम संस्कार के लिए उसके परिजनों को सौंप दिया। 
बता दें कि मृतक अभय परमार की हत्या की जानकारी लगते ही क्षत्रिय समाज के लोग गुरुवार को सिटी सेंटर स्थित सत्यम टावर स्थित प्रखर के घर पहुंचे और पुलिस के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्ट्रेट रोड पर चक्का जाम कर दिया। आक्रोशित क्षत्रिय समाज के लोगों और परिजनों ने प्रशासन के सामने मांग की हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और आरोपियों के मकान पर बुलडोजर चलाया जाए। 3 घंटे से अधिक चले चक्का जाम को खुलवाने के लिए प्रशासन ने मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर चक्का जाम खुल सका।
यह है पूरा मामला
सिटी सेंटर सत्यम रेजीडेंसी के रहने वाले प्रशांत सिंह परमार कॉलेज संचालक हैं। उनका बेटा अभय उर्फ प्रखर परमार (23) मंगलवार को लापता हो गया था। प्रशांत ने नगर निगम में कम्प्यूटर ऑपरेटर करन वर्मा पर शक जताया था। पुलिस ने उसे उठाया। पूछताछ में उसने वारदात कबूल की। बुधवार रात झांसी में सडक़ किनारे अभय का शव जली हुई हालत में मिला। गुरुवार को शव का पीएम झांसी में ही किया जाएगा।
आरोपी करन वर्मा ने पुलिस को बताया कि वह मंगलवार को अभय उर्फ प्रखर को बुलाकर कार से ले गए था। दतिया के सिरोल न्यू पंचायत भवन के पास सुनसान इलाके में साथी गौरव व भानू की मदद से गला घोंटा। फिर गोली मार कर हत्या कर दी। वहां से कार को निकालकर आगरा-मुम्बई हाइवे पर नयागांव पहुंचे। यहां कार के सीट से बॉडी को डिक्की में शिफ्ट किया। पहले शिवपुरी जाने का इरादा था, लेकिन बाद में ख्याल आया कि झांसी में बॉडी को ठिकाने लगाएंगे, तो दो राज्यों की सीमा में पुलिस उलझ जाएगी। फिर झांसी हाइवे की ओर चल दिए। झांसी में सीपरी बाजार थानाक्षेत्र में करीब 9 किलोमीटर दूर झाडिय़ों में शव को जलाकर फेंक दिया। पहचान छिपाने के लिए शव जला दिया।
करन वर्मा को मंगलवार रात पता चला कि पुलिस उसे तलाश कर रही है। इसके बाद वह खुद ही थाने पहुंच गया। यहां वह काफी देर तक पुलिस को गुमराह करता रहा। सुबह 10 बजे तक वह अनजान बना रहा। खुद को बेगुनाह बताता रहा। जब अभय और उसकी मोबाइल लोकेशन देखी, तो एक ही जगह मिली। इसके बाद वह टूट गया था। उसने हत्या की बात भी कबूल कर ली थी। कभी लाश को नदी में फेंकने की बात कहता, तो कभी कुछ याद न होने की बात कहता रहा था। आखिर में पुलिस ने सख्ती की, तो उसने झांसी में शव फेंकना कबूल किया। पहले बताया कि बरुआ सागर के पास शव फेंका है, बाद में सही लोकेशन सीपरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित हाइवे की बताई।
पहचान छिपाने के लिए जलाया था शव को
पुलिस जब उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के हाइवे पर पहुंची, तो शव तलाशने में पसीना आ गया। करीब 3 घंटे की सर्चिंग के बाद हाइवे के नीचे झाडिय़ों में जला हुआ शव मिला था। आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए पेट्रोल डालकर शव को जलाया था। शव 60 फीसदी शव जल चुका था। अब झांसी के सीपरी थाना पुलिस ने शव निगरानी में लिया है। झांसी में ही मर्ग कायम किया गया है।
वहीं मृतक प्रखर परमार के पिता प्रशांत सिंह परमार का कहना है कि जो भी आरोपी मेरे बेटे की हत्या में शामिल है उन्हें जल्द पकड़ा जाए और उन आरोपियों कि जो भी अबैध संपत्तियां हैं उन्हें भी तोड़ा जाए। और इस हत्याकांड की साजिश में जो भी शामिल है उसका पर्दाफाश किया जाए हत्या करने वाले आरोपी को मैंने परमिशन के लिए 7-8 लाख रुपये दिए हुए थे। इस हत्याकांड में और क्या वजह है मुझे मालूम नहीं है मैं चाहता हूं कि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
टेक्निकल सर्विलेंस एविडेंस के आधार तीन पकड़े
थाना विश्वविद्यालय सर्किल के एडिशनल एसपी मोती उर्फ रहमान का कहना है कि सूचना मिली थी कि एक स्कूल और कॉलेज संचालक के बेटे का अपहरण कर उसकी हत्या कर बॉडी को उत्तर प्रदेश का फैक दिया गया है। टेक्निकल सर्विलेंस एविडेंस के आधार पर तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर न्यायालय के समक्ष पेश किया है। मृतक प्रखर परमार का उत्तर प्रदेश झांसी में प्रकरण दर्ज किया गया है। गुरुवार को गुस्साए प्रखर परमार के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए चक्का जाम किया था जिन्हें समझाइश देकर चक्का जाम खुलवा दिया गया है।