कृषि विश्वविद्यालय में अंतर महाविद्यालयीन युवा उत्सव का आयोजन

Dec 29 2022

ग्वालियर। जिस देश की आजादी के लिए भगतसिंह, सुखदेव एवं राजगुरु हंसते हुए फाँसी चढ़ गए, उसी आजाद भारत का आज का युवा कैसे गलत रास्तों पर चलकर भटक जाता है, यह इंडियन आइकॉन थीम पर आधारित माइम प्रतियोगिता में खंडवा से आये युवाओं ने अपने हाव भाव से दिखाकर हॉल में उपस्थित श्रोताओं को भावुक होने पर मजबूर कर दिया। मौका था राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले प्रदेश के 5 कृषि महाविद्यालयों के तीन दिवसीय अंतर महाविद्यालयीन युवा उत्सव अभिव्यक्ति का, जो कृषि महाविद्यालय के सभागार में शुरू हुआ, जिसमें युवाओं ने वर्तमान परिवेश की समस्याओं को अपनी कला के माध्यम से प्रस्तुत किया।
जहां ग्वालियर टीम के युवाओं ने देश के सिग्नेचर चेहरों लता मंगेशकर, सचिन तेंदुलकर, इंदिरा गांधी, अमिताभ ब‘चन को माइम में दिखाया। वहीं खंडवा के दल ने अभी हाल ही में मीडिया में छाए लव जिहाद के श्रद्धा हत्याकांड के ताजा घटनाक्र्रम को स्किट में दिखाया कि कैसे आज की लड़कियां अपने बालिग होने के कानूनी पहलू को ढाल बनाकर अपने माता- पिता, जिन्होंने उन्हें अच्छी परवरिश देने के लिए अपने सुखों का त्याग कर दिया, को धोखा देकर किसी दूसरे धर्म में विवाह कर बाद में खुद भी धोखे का शिकार होती हैं। टीम के अभिषेक जायसवाल ने मोनो एक्टिंग में मॉय वेल्यूस फॉर सोसाइटी थीम पर प्रस्तुति दी। तीनों ही प्रतियोगिता में निर्णायक रविन्द्र जगताप थे। वहीं छात्राओं ने रंगोली में कोरोना वारियर के काम को सराहा। 
इससे पहले आयोजन के शुभारंभ पर ग्वालियर, इंदौर,  खंडवा, सीहोर एवं मंदसौर की टीमों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राजा मानसिंह संगीत एवं आर्ट यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. साहित्य कुमार नाहर ने ऐसे आयोजनों को छात्रों के अंदर छुपी प्रतिभा को निखारने एवं पहचान दिलाने में एक अवसर के रूप में बताया। वहीं अध्यक्षता कर रहे कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरविन्द कुमार शुक्ला ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम में जैसे सुर, ताल एवं मुद्राओं का महत्व है, उसी प्रकार छात्रों के जीवन में आचरण का महत्व है। सांस्कृतिक संयोजक डॉ, आर लेखी ने बताया कि इस आयोजन का समापन आज शुक्रवार 30 दिसंबर को पुरस्कार वितरण के साथ होगा।