कोहरे से राहत, बर्फीली हवा से सिकुड़ रहे लोग

Dec 28 2022

ग्वालियर। एक दिन पहले कोहरे के साथ बर्फीली हवा ने अंचलवासियों को कंपा देने वाली ठंड ने जमकर परेशान किया था, लेकिन बुधवार को कोहरे से अंचलवासियों को राहत मिली, लेकिन शरीर को जाम कर देने वाली सर्द हवा अभी भी परेशान कर रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में अंचल में ऐसा ही मौसम बना रहेगा, फिलहाल सर्दी से कोई राहत नहीं मिलेगी। दिसंबर महीने के आखिरी दिनों में मौसम पूरी तरह से शुष्क बने रहने व वातावरण में लगभग सौ फीसदी नमी वने रहने के कारण अंचल में ठंड का पहला राउण्ड शुरु हो चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आगामी जनवरी के पहले सप्ताह तक बर्फीली हवा के साथ कोल्ड-डे लोगों को खासा परेशान करते दिखाई देगा।
ठंडी हवा से धूप बेअसर 24 घंटों में मौसम की चाल बीती रात से सुबह तक लगातार जारी सर्द हवा व कोहरा नहीं होने से बुधवार को सूर्य देवता ने दर्शन तो समय पर दिए। लेकिन दिन चढऩे के बाद भी चल रही सर्द हवा के कारण खिली धूप की गर्माहट पूरी तरह से सुबह दस बजे तक गायब रही। लोग ठंड से बचाव के लिए घरों के बाहर धूप का आनंद लेते गली-मोहल्लों से लेकर सडक़ों के साथ चौराहों पर दिखाई दिए। लेकिन शरीर पर ऊनी कपड़ों का लबादा पहने होने के बाद भी दिन में सर्द हवा परेशान करती रही। घरों से बाहर काम पर निकले लोग ऊनी टोपी-मफलर से शरीर पैक कर ही घरों से बाहर निकले।
मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय का कहना है कि पूरे महीने दिसंबर महीने में वातावरण में आद्र्रता 90 से 97 फीसदी के बीच बने रहने से नमी लगातार बनी हुई है, जिसके चलते अंचल में ठंड का जोर पकडऩा मुख्य वजह है। साथ ही मौसम शुष्क होने से अंचल पूरी तरह से सूखी ठंड में जकड़ा दिख रहा है। आगामी चौबीस घंटों के दौरान मौसम ऐसा ही बना रहेगा। और ठंड से राहत की बात अंचलवासी पूरी तरह से भूल जाएं। क्योंकि नए साल की शुरुआत भीषण ठंड के साथ होगी।
बीते रोज अधिकतम पारा सर्द हवा चलते 21.4 डिग्री दर्ज किया गया। जो सामान्य से लगभग डेढ़ डिग्री कम रहने के चलते सर्द हवा शरीर पूरे दिन शरीर पर अटैक करती दिखी। वहीं मौसम साफ होने के कारण न्यूनतम पारा 5.6 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से कम रहने पर रात से लेकर सुबह धूप खिलने के बाद भी लोग ठंड का अहसास करते दिखे। बुधवार को सुबह साढ़े पांच बजे पारा 7.2 डिग्री दर्ज किया गया और हवा की स्पीड तीन से चार किलोमीटर प्रतिघंटे की बनी रही, साथ ही सुबह सूर्य देवता निकलने के बाद भी सुबह साढ़े आठ बजे पारे की चाल आठ डिग्री पर लटकी दिखाई दी।