संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री चौहान को अपने खून से पत्र लिखे

Dec 18 2022

ग्वालियर। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला ग्वालियर द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल के चौथे दिन फूलबाग चौराहे पर उपस्थित होकर मुख्यमंत्री चौहान को अपनी मांगों को लेकर अपने खून से पत्र लिखे। निधि राजावत एवं डॉ दीपक तोमर,आशीष गुप्ता एवं अन्य द्वारा रक्त पत्र लिखे गए एवं अपनी तरफ से प्रार्थना भी की गई कि मामाजी अगर नियमित नहीं किया जाता है तो अभी तो पत्र की शुरुआत है। आपके पास बारी-बारी से रक्त पत्र आते रहेंगे। हड़ताल के चौथे दिन रविवार को भी जिला ग्वालियर में सभी उप स्वास्थ्य केंद्र, शहरी एवं ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल आदि में स्वास्थ्य व्यवस्था डगमगाती देखी गई। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की आम जनता स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर परेशान होते रहे। जब तक शासन प्रशासन द्वारा मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
चार दिन से एक भी बच्चे को नहीं लगा टीका 
दो सूत्रीय मांगों को लेकर बीते चार दिनों से सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मी फूलबाग में बैठे हुए हंै। स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल पर जाने के कारण बीते चार दिनों में सबसे अधिक टीकाकरण व टीबी सर्वे पूरी तरह से प्रभावित होने के कारण एक बच्चे को भी वैक्सीन की खुराक नहीं लग पाने के कारण मासूमों के पालक खासे परेशान हंै। इसी बीच कल सोमवार से केन्द्र सरकार द्वारा मीजल्स रूबेला निर्मूलन का विशेष टीकाकरण का द्वितीय चरण आज सोमवार से शुरू होगा। ऐसे में हड़ताल जारी रहने के कारण रुबेला टीकाकरण शुरु होने पर ही ग्रहण लगता दिख रहा है।
प्रदेश स्वास्थ्य संविदा संघ के आह्वान पर बीते चार दिनों से जिले में कार्यरत 778 संविदा स्वास्थ्य कर्मियों व अफसरो के हड़ताल पर जाने के कारण सभी प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हैं। मरीजों को सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंन्द्रों पर बिना इलाज के वापस लौटना पड़ रहा है। भले ही रविवार होने के कारण हड़ताली संविदा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर तंबू में बैठे नजर आए। जिला संविदा स्वास्थ्य संघ के जिला अध्यक्ष धर्मवीर शुक्ला ने बताया कि जब तक हमारी वर्षों पुरानी दो मांगें सरकार स्वीकार नहीं करेगी तब तक सभी स्वास्थ्य संविदा कर्मी हड़ताल जारी रखेंगे। वहीं हड़ताल के चलते आज से शुरु होने वाले द्वितीय चरण का मीजल्स रूबेला टीकाकरण कार्यक्रम का भी संविदा कर्मी पूरी तरह से बहिष्कार कर इस पन्द्रह दिवसीय कार्यक्रम से दूरी बनाए रखेंगे।